बाकी अफसरों के लिए तय हुई लिमिट
वित्त विभाग ने जीआर में कहा है कि गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी, महंगाई और बीएस-6 मानकों के तहत गाड़ियां बनाने की लागत बढ़ने की वजह से यह संशोधन किया गया है। बाकी अफसरों के लिए गाड़ियों की कीमत की सीमा इस तरह तय की गई है (जीएसटी, मोटर व्हीकल टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस को छोड़कर):
- मंत्रिमंडल मंत्री और मुख्य सचिव: ₹30 लाख
- अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव: ₹25 लाख
- राज्य सूचना आयुक्त और एमपीएससी सदस्य: ₹20 लाख
- विभाग प्रमुख और संभाग आयुक्त: ₹17 लाख
- जिला कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर और एसपी: ₹15 लाख
- अन्य स्वीकृत अधिकारी: ₹12 लाख
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इलेक्ट्रिक और मल्टी-यूटिलिटी गाड़ियों पर छूट
ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यह भी तय किया है कि अफसर अपनी तय सीमा से 20 प्रतिशत ज्यादा कीमत तक की इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीद सकेंगे। वहीं, आपदा प्रबंधन में काम करने वाले फील्ड अफसरों को 12 लाख रुपये तक की मल्टी-यूटिलिटी व्हीकल (MUV) खरीदने की मंजूरी दी गई है।
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