महाराष्ट्र मोटर वाहन विभाग ने बुधवार को अप्रैल 2019 से पहले राज्य में पंजीकृत सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) (HSRP) लगाने के लिए बोलियां आमंत्रित कीं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
चोरी पर अंकुश लगाने और वाहन पहचान चिह्नों में एकरूपता लाने के लिए, केंद्र ने 1 अप्रैल, 2019 से देश में पंजीकृत हर नए वाहन के लिए एचएसआरपी अनिवार्य कर दिया, जिससे ग्राहकों को सौंपने से पहले नए वाहनों पर इन नंबर प्लेटों को लगाने की जिम्मेदारी निर्माताओं पर डाल दी गई।
संयुक्त परिवहन आयुक्त (कंप्यूटर) का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे उप क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संदेश चव्हाण ने कहा कि अप्रैल 2019 से पहले महाराष्ट्र में पंजीकृत वाहनों पर एचएसआरपी के "विनिर्माण, आपूर्ति और फिटमेंट" के लिए "बिल्ड-ओन-ऑपरेट" आधार पर बोलियां आमंत्रित की गई हैं।
अप्रैल 2019 से पहले महाराष्ट्र में पंजीकृत वाहनों के लिए ये टेंपर-प्रूफ (छेड़छाड़-रोधी) नंबर प्लेट अनिवार्य नहीं थीं।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि राज्य में लगभग 4 करोड़ वाहन हैं और सफल बोली लगाने वाले को काम मिलने के बाद एक साल के भीतर 1.25 करोड़ वाहनों में एचएसआरपी फिट होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ग्राहकों को एचएसआरपी की लागत वहन करनी होगी।
एक दुर्लभ एल्यूमीनियम अलॉय से बना, एचएसआरपी में वेरिफिकेशन इंस्क्रिप्शन 'इंडिया', क्रोमियम-आधारित अशोक चक्र होलोग्राम, नीले रंग में हॉट-स्टैम्प्ड अक्षर IND' और एक यूनिक सीरियल नंबर की 10-अंकीय लेजर-ब्रांडिंग के साथ एक रेट्रो-रिफ्लेक्टिव फिल्म शामिल है। जिससे इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है।
जालसाजी से सुरक्षित ये पंजीकरण प्लेटें वाहनों के आगे और पीछे लगी होती हैं। तीसरा पंजीकरण चिह्न एक क्रोमियम-आधारित होलोग्राम स्टिकर को संदर्भित करता है जो विंडशील्ड के अंदरूनी हिस्से पर चिपकाया जाता है, यदि वाहन चार पहिया वाहन है, तो पंजीकरण के डिटेल्स के साथ।
एचएसआरपी लोगों में 'IND' या 'INDIA' नंबर प्लेट के रूप में भी लोकप्रिय है।