महाराष्ट्र सरकार ने बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने विधान परिषद में बताया कि कुछ बाइक एग्रीगेटर कंपनियों को दिए गए अस्थायी लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। सरकार के अनुसार, कंपनियों को निर्धारित समय के भीतर जरूरी दस्तावेज और शर्तें पूरी करनी थीं, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसलिए अवैध रूप से चल रही बाइक टैक्सियों को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने स्पष्ट किया कि राज्य अब गोवा की तरह टूरिस्ट फ्रेंडली और सुरक्षित बाइक टैक्सी मॉडल की ओर बढ़ रहा है, जहां प्राथमिकता मिट्टी के बेटों (Local Youths) को दी जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाली कंपनियों पर अब सीधे एफआईआर (FIR) होगी।
महाराष्ट्र लेजिस्लेटिव काउंसिल में इस कार्रवाई की घोषणा करते हुए मंत्री प्रताप सरनाइक ने इसके पीछे के कड़े कारणों का खुलासा किया:
गोवा मॉडल और मिट्टी के बेटों का रोजगार
सरनाइक ने कहा कि ई-बाइक पॉलिसी का असली मकसद स्थानीय युवाओं (भूमिपुत्रों) को रोजगार देना है। उन्होंने गोवा का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पर्यटक बाइक टैक्सी इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि यह अकेली सवारी के लिए सस्ती और सुलभ है। महाराष्ट्र भी इसी तर्ज पर आगे बढ़ना चाहता है, लेकिन एग्रीगेटर कंपनियां नियमों का पालन करने में रुचि नहीं दिखा रही हैं।
ये भी पढ़े: EV Tax Saving: मार्च क्लोजिंग से पहले ईवी पर बंपर बचत, 40% डेप्रिसिएशन के साथ बचाएं लाखों का टैक्स; जानें कैसे
एग्रीगेटर्स का लाइसेंस रद्द
अधिकारियों ने मीटिंग में कंपनियों के अड़ियल रवैये की शिकायत भी की थी। सरकार के अनुसार, कंपनियों को निर्धारित समय के भीतर जरूरी दस्तावेज और शर्तें पूरी करनी थीं, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसलिए अवैध रूप से चल रही बाइक टैक्सियों को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई।
सड़क पर चल रहीं कई बाइक टैक्सी गैरकानूनी
मंत्री ने साफ कहा कि मुंबई और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में बाइक टैक्सियों की संख्या बहुत ज्यादा है। सरकार के अनुसार, अगर कंपनियों के पास वैध अनुमति नहीं है, तो सड़क पर चलने वाली ऐसी बाइक टैक्सियां गैरकानूनी मानी जाएंगी।
अब राइडर नहीं, सीधा मालिक पर होगा केस
सरकार ने पुलिस और आरटीओ को सख्त निर्देश दिए हैं कि गरीब बाइक सवारों (Riders) पर केस दर्ज करने के बजाय, सीधा कंपनी मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। मंत्री ने साफ कहा कि अब सड़कों पर जो भी बाइक टैक्सी है, वह पूरी तरह गैर-कानूनी है।
ये भी पढ़े: Affordable Automatic Cars: भारत की सबसे सस्ती ऑटोमैटिक कारें, शानदार माइलेज के साथ
सिर्फ इलेक्ट्रिक का नियम और सुरक्षा की चुनौती
- EV अनिवार्य: महाराष्ट्र ई-बाइक टैक्सी रूल्स 2024 के तहत सड़कों पर सिर्फ इलेक्ट्रिक बाइक्स ही चल सकती हैं। पेट्रोल से चलने वाली बाइक टैक्सियों पर अब पूर्ण प्रतिबंध है।
- महिला सुरक्षा और हादसे: सरकार को महिलाओं की सुरक्षा और आए दिन होने वाले एक्सीडेंट्स को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसे देखते हुए यह सख्त रुख अपनाया गया है।
- बड़ी कार्रवाई: अप्रैल 2024 से अब तक आरटीओ ने 130 बाइक टैक्सियों को जब्त कर 33 लाख रुपये का भारी जुर्माना वसूला है।
एक्सपर्ट के अनुसार सरकार का संकेत है कि भविष्य में बाइक टैक्सी सेवाओं को पूरी तरह से नियमों के तहत ही चलने दिया जाएगा। अगर कंपनियां सभी दस्तावेज और शर्तें पूरी करती हैं, तभी उन्हें दोबारा संचालन की अनुमति मिल सकती है। कुल मिलाकर, महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए नियमों का सख्त पालन अब अनिवार्य हो गया है, जिससे आने वाले समय में इस सेक्टर में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।