भारतीय इलेक्ट्रिक कारों की मांग अब देश के साथ-साथ विदेशों में भी बढ़ती जा रही है। इसका ताजा उदाहरण मारुति सुजुकी की इलेक्ट्रिक वाहन हैं। कंपनी अब तका 50 हजार से भी ज्यादा मेड-इन-इंडिया ईवी विदेश भेज चुकी हैं। ये गाड़ियां ब्रिटेन, नॉर्वे, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड समेत करीब 50 देशों तक पहुंच रही हैं। कंपनी के मुताबिक, उसके इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए यूरोप सबसे बड़ा निर्यात बाजार बना हुआ है।
50 हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक कारों का निर्यात
मारुति सुजुकी ने अगस्त 2025 में इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्यात शुरू किया था। इसके बाद से कंपनी अब तक 50 हजार से ज्यादा भारत में बनी इलेक्ट्रिक कार्स को विदेशी बाजारों में भेज चुकी है। कंपनी ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी।
भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी अब अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को करीब 50 देशों में निर्यात कर रही है। इन देशों में ब्रिटेन, नॉर्वे, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।
कौन-सा देश में हुए सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट?
- मारुति सुजुकी के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए यूरोप सबसे बड़ा निर्यात बाजार बना हुआ है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच भारत से निर्यात की गई इलेक्ट्रिक पैसेंजर कारों में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 93 प्रतिशत रही।
- इसी अवधि में भारत से होने वाले कुल पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट में भी मारुति सुजुकी की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से ज्यादा रही।
- फिलहाल कंपनी भारत में बनी 16 कारों को करीब 120 देशों में निर्यात करती है। इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्यात बढ़ने के साथ कंपनी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी ने अप्रैल 2026 में बताया था कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उसने 4.47 लाख से ज्यादा गाड़ियों का निर्यात किया। यह वित्त वर्ष 2024-25 के मुकाबले 34% अधिक था।
मेड-इन-इंडिया इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती पहुंच
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि मारुति सुजुकी की 50 हजार से ज्यादा ईवी कारों का निर्यात और यूरोप में उसकी मजबूत हिस्सेदारी भारत में बने वाहनों की वैश्विक पहुंच को दिखाती है। कंपनी पहले से ही भारत में बनी 16 कारों को करीब 120 देशों में भेजती है और अब इलेक्ट्रिक वाहनों के कारोबार को भी आगे बढ़ा रही है।