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Modifications: गाड़ी में मॉडिफिकेशन करना सही या गलत? जानें क्या कहता है भारतीय मोटर वाहन कानून

Sun, 16 Feb 2025 06:08 PM IST
नीतीश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कई बार गाड़ियों को आकर्षक और पावरफुल बनाने के लिए लोग उनमें मॉडिफिकेशन करवाते हैं, लेकिन भारतीय मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत कुछ मॉडिफिकेशन्स को अवैध बताया गया है।
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Car Modification - फोटो : FREEPIK
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विस्तार
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Vehicle Modifications In India: भारत में लोग अपनी गाड़ियों में मॉडिफिकेशन तो करवा लेते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग यह नहीं जानते कि देश में गाड़ियों के मॉडिफिकेशन को लेकर काफी सख्त नियम बनाए गए हैं। अगर आप अपनी कार या बाइक में मॉडिफिकेशन कराने की सोच रहे हैं, तो पहले यह जानना जरूरी है कि भारत में सभी तरह के मॉडिफिकेशन वैध नहीं हैं। कई बार गाड़ियों को आकर्षक और पावरफुल बनाने के लिए लोग बदलाव करवाते हैं, लेकिन भारतीय मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत कुछ मॉडिफिकेशन्स को अवैध बताया गया है।
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क्या कहता है भारतीय मोटर वाहन अधिनियम?

क्या कहता है भारतीय मोटर वाहन अधिनियम? - फोटो : Hyundai
भारतीय मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (Motor Vehicles Act, 1988) के तहत, किसी भी वाहन में ऐसा कोई मॉडिफिकेशन नहीं किया जा सकता जो गाड़ी की मूल संरचना (original structure) को बदल दे। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि गाड़ी में किसी भी प्रकार का ऐसा बदलाव जो कंपनी द्वारा दिए गए सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को प्रभावित करे, वह गैर-कानूनी होगा।

कौन-कौन से मॉडिफिकेशन अवैध हैं?

Car modification - फोटो : Social Media
इंजन की क्षमता (Engine Modification)
  • गाड़ी के इंजन को अपग्रेड या रिप्लेस करना अवैध है, क्योंकि इससे वाहन के प्रदूषण स्तर और सेफ्टी फीचर्स प्रभावित होते हैं।
  • RTO (Regional Transport Office) से अनुमति लिए बिना इंजन में बदलाव करने पर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है।

बॉडी और चेसिस मॉडिफिकेशन
  • कार या बाइक के मूल डिजाइन में कोई भी बदलाव अवैध है।
  • वाहन की लंबाई, चौड़ाई या ऊंचाई में बदलाव करने से RTO के नियमों का उल्लंघन होता है।

फैंसी नंबर प्लेट
  • नंबर प्लेट का डिजाइन और फॉन्ट सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार होना चाहिए।
  • अनियमित नंबर प्लेट का उपयोग करने पर चालान और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

एलईडी और फ्लैशिंग लाइट्स
  • गाड़ियों में ब्लिंकिंग लाइट्स, रेड और ब्लू एलईडी लाइट्स, अंडरबॉडी लाइट्स आदि का इस्तेमाल अवैध है।
  • पुलिस और इमरजेंसी व्हीकल्स के अलावा किसी अन्य वाहन पर रेड और ब्लू लाइट लगाना गैर-कानूनी है।

साइलेंसर मॉडिफिकेशन
  • गाड़ियों में लाउड एग्जॉस्ट या मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने पर प्रतिबंध है।
  • Royal Enfield और स्पोर्ट्स बाइक्स में लगने वाले लाउड एग्जॉस्ट पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है।

सनफिल्म और ब्लैक ग्लास
  • विंडो पर ब्लैक सनफिल्म लगाना अवैध है, क्योंकि इससे सुरक्षा नियमों का उल्लंघन होता है।
  • केवल 70% विजिबिलिटी वाली सनफिल्म ही मान्य होती है।
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कौन-कौन से मॉडिफिकेशन वैध हैं?

कौन-कौन से मॉडिफिकेशन वैध हैं? - फोटो : Hyundai
  • एलॉय व्हील्स और टायर अपग्रेड, जब तक वे वाहन की स्टैंडर्ड डाइमेंशन में फिट बैठते हैं।
  • कार के इंटीरियर में बदलाव, जैसे कि सीट कवर, डैशबोर्ड मॉडिफिकेशन आदि।
  • स्पोर्ट्स स्टिकर्स और ग्राफिक्स, लेकिन यह वाहन की मूल रंग स्कीम को प्रभावित नहीं करना चाहिए।

अगर आप अपनी गाड़ी में कोई भी मॉडिफिकेशन करवा रहे हैं, तो पहले RTO और संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेना जरूरी है। अवैध मॉडिफिकेशन से बचने के लिए हमेशा सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करें, ताकि आप कानूनी झंझटों में न फंसें और आपकी गाड़ी सड़क पर चलने के लिए पूरी तरह सुरक्षित रहे।
 
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