फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Driverless Metro: कोलकाता मेट्रो दो और रूट पर शुरू करेगी ड्राइवरलेस टेक्नोलॉजी, 800 करोड़ रुपये आएगी लागत

Fri, 24 May 2024 03:14 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कोलकाता मेट्रो दो अतिरिक्त रूट पर ड्राइवरलेस ट्रेन (चालक रहित ट्रेन) चलाने के लिए 800 करोड़ रुपये की लागत वाली अत्याधुनिक सिग्नल प्रणाली लगी रही है।
विज्ञापन
Kolkata Metro Train - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोलकाता मेट्रो दो अतिरिक्त रूट पर ड्राइवरलेस ट्रेन (चालक रहित ट्रेन) चलाने के लिए 800 करोड़ रुपये की लागत वाली अत्याधुनिक सिग्नल प्रणाली लगी रही है। यह जानकारी एक अधिकारी ने गुरुवार को दी। यह एडवांस्ड सिग्नल सिस्टम, जिसका इस्तेमाल स्पेन और डेनमार्क जैसे देशों में किया जाता है, ट्रेनों को बिना मोटरमैन के चलाने की अनुमति देता है। जिन्हें मेट्रो की भाषा में ड्राइवर कहा जाता है।
विज्ञापन

अगले पांच वर्षों के भीतर, पूरे कोलकाता मेट्रो नेटवर्क को सीबीटीसी प्रणाली के एटीओ (ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशंस) मोड से लैस कर दिया जाएगा। एटीओ मोड में, मोटरमैन की भूमिका सिर्फ दरवाजे बंद करने और ट्रेन शुरू करने के लिए बटन दबाने तक सीमित रह जाती है।

कोलकाता मेट्रो के चालक रहित तकनीक अपनाने वाले रूट
कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) सिस्टम को जोका-एस्प्लेनेड और कावी सुभाष-बमान बंदर मेट्रो कॉरिडोर पर लागू किया जा रहा है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि हाई-टेक प्रणाली पहले से ही ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर पर इस्तेमाल में है।

सीबीटीसी सिस्टम को भारत की पहली मेट्रो लाइन, 40 साल पुरानी उत्तर-दक्षिण (दाक्षिणेश्वर-नई गारिया) कॉरिडोर पर भी स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
विज्ञापन

उन्होंने आगे कहा कि "यह अत्याधुनिक सिग्नल प्रणाली बहुत सुरक्षित है और ट्रेन संचालन को लचीलापन प्रदान करती है।"
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें