फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

EV: कर्नाटक में ईवी पर मिलने वाली लाइफटाइम रोड टैक्स छूट खत्म, नई दरें घोषित, सिर्फ दोपहिया वाहनों को राहत

Fri, 03 Apr 2026 05:03 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कर्नाटक सरकार ने कारों, जीपों, बसों और अन्य निजी वाहनों सहित कई तरह के इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए आजीवन रोड टैक्स में दी गई छूट वापस ले ली है।
विज्ञापन
Electric Two Wheelers - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर दी जा रही लाइफटाइम रोड टैक्स छूट को खत्म कर दिया है। अब कार, जीप, बस और अन्य निजी ईवी वाहनों पर टैक्स लगाया जाएगा। हालांकि, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को इस फैसले से बाहर रखा गया है और उन्हें छूट जारी रहेगी। 

विज्ञापन


क्या अब सभी EV पर देना होगा लाइफटाइम टैक्स?
सरकार ने अब सभी बैटरी चालित वाहनों को टैक्स के दायरे में ला दिया है। 
पहले यह टैक्स केवल 25 लाख रुपये या उससे अधिक कीमत वाले वाहनों पर लागू था। लेकिन अब यह सीमा हटा दी गई है।

टैक्स की दरें क्या होंगी?
वाहन की कीमत के आधार पर टैक्स तय किया गया है:

  • 10 लाख रुपये तक के ईवी पर 5 प्रतिशत टैक्स

  • 10 से 25 लाख रुपये के बीच 8 प्रतिशत टैक्स

  • 25 लाख रुपये से अधिक कीमत पर 10 प्रतिशत टैक्स

 

पहले से रजिस्टर्ड वाहनों पर क्या असर होगा?
जो ईवी पहले से रजिस्टर्ड हैं, उनके मालिकों को भी लाइफटाइम टैक्स देना होगा।

यह टैक्स वाहन की उम्र के आधार पर 25 प्रतिशत से 93 प्रतिशत तक होगा। यानी जैसे-जैसे वाहन पुराना होगा, टैक्स का प्रतिशत कम होता जाएगा।

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
यह फैसला कर्नाटक मोटर वाहन कराधान (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत लिया गया है, जिसे मार्च 2026 में पारित किया गया।

सरकार का कहना है कि यह कदम अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए उठाया गया है और इससे करीब 250 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है।

क्या इस फैसले पर विवाद भी हुआ है?
इस निर्णय को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। मैसूर-कोडागु से बीजेपी के सांसद यदुवीर वाडियार ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि यह ईवी अपनाने को बढ़ावा देने के बजाय बाधित करेगा और जलवायु लक्ष्यों के खिलाफ है।

वाडियार ने सोशल मीडिया X (एक्स) पर एक पोस्ट में कहा, "ऐसे समय में जब नीतियों को जीवाश्म ईंधन से दूर हटने की प्रक्रिया को तेज करना चाहिए और जलवायु लक्ष्यों को आगे बढ़ाना चाहिए, कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर 'लाइफटाइम टैक्स' लगाने का फैसला किया है। जो एक प्रतिगामी और उल्टा असर डालने वाला कदम है।"

क्या वित्तीय दबाव है इसके पीछे?
राज्य की परिवहन सेवाएं पहले से ही वित्तीय दबाव में हैं।

सरकार की ‘शक्ति’ योजना, जिसमें महिलाओं को नॉन-एसी बसों में मुफ्त यात्रा दी जाती है, के तहत सब्सिडी जारी करने में देरी हो रही है।

इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2027 में 5,300 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है, जिससे सरकार पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।

विज्ञापन

क्या EV अपनाने पर पड़ेगा असर?
ऐसे समय में जब लोग वैश्विक परिस्थितियों और ईंधन की अनिश्चितताओं के कारण ईवी की ओर बढ़ रहे हैं, यह फैसला उनके लिए अतिरिक्त लागत बढ़ा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ईवी बाजार की गति प्रभावित हो सकती है। हालांकि सरकार इसे राजस्व बढ़ाने के जरूरी कदम के रूप में देख रही है। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें