जेएसडब्ल्यू समूह (JSW Group) की इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन शाखा 'JSW ग्रीनटेक लिमिटेड' (JSW Greentech Limited) ने AMPSTAR नाम से एक नए ई-कमर्शियल वाहन ब्रांड का आधिकारिक एलान किया है। मुंबई में 22 सितंबर 2026 को आयोजित एक कार्यक्रम में कंपनी ने इस नए ब्रांड का अनावरण किया, जो विशेष रूप से भारत में इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों का निर्माण करेगा।
कंपनी इस नए ब्रांड के तहत 150 kW से 500 kW तक की पावर कॉन्फिगरेशन वाले कमर्शियल वाहन बाजार में उतारेगी। AMPSTAR ग्राहकों को सिर्फ वाहन बिक्री ही नहीं, बल्कि लीजिंग, बैटरी-एज-अ-सर्विस (BaaS) और अन्य ओनरशिप व ऑपरेटिंग मॉडल का विकल्प भी प्रदान करेगी। इसके अलावा, कंपनी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंसिंग और आफ्टर-सेल्स सपोर्ट भी खुद मुहैया कराएगी।
AMPSTAR के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की क्षमता और खासियतें क्या होंगी?
AMPSTAR के इलेक्ट्रिक ट्रकों और बसों का निर्माण महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) स्थित AURIC में JSW ग्रीनटेक की 90 एकड़ में फैली आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में किया जाएगा:
- वार्षिक उत्पादन क्षमता: इस ग्रीनफील्ड प्लांट की शुरुआती उत्पादन क्षमता 15,000 यूनिट्स (इलेक्ट्रिक बसें और ट्रक) प्रति वर्ष होगी।
- एडवांस टेक्नोलॉजी: यह भारत का पहला ऐसा बस निर्माण प्लांट होगा जिसमें प्री-ट्रीटमेंट और इलेक्ट्रो-डिपॉजीशन (PT-ED) प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाएगा।
- ऑटोमेटेड असेंबली: प्लांट में ऑटोमेटेड ट्रक-केबिन प्रोडक्शन लाइन और एक पूरी तरह से इंटीग्रेटेड बैटरी इकोसिस्टम मौजूद होगा।
AMPSTAR इलेक्ट्रिक वाहनों में कौन-से तकनीकी फीचर्स और फास्ट-चार्जिंग मिलेगी?
JSW ग्रीनटेक ने अपने वाहनों के ड्राइविंग लॉजिक, सॉफ्टवेयर और एल्गोरिदम इन-हाउस (खुद) विकसित किए हैं, जिससे गाड़ियों को ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से कस्टमाइज किया जा सकेगा:
- फास्ट चार्जिंग: कंपनी का दावा है कि इसकी इलेक्ट्रिक बसें 60 मिनट से भी कम समय में 0 से 100 प्रतिशत तक चार्ज हो जाएंगी।
- सुरक्षा व मजबूती: वाहनों में डुअल-कूलिंग बैटरी सिस्टम और हाई-स्ट्रेंथ मोनोकॉक चेसिस का इस्तेमाल किया जाएगा।
इस नए वेंचर पर सज्जन जिंदल और पार्थ जिंदल ने क्या कहा?
लॉन्च के अवसर पर बोलते हुए JSW ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सज्जन जिंदल ने देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा:
"हम अपनी जरूरत का 90 प्रतिशत तेल आयात करते हैं और कीमतों पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता। यहीं पर हम बदलाव लाना चाहते हैं। हम ऐसा कुछ बनाना चाहते हैं जो भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करे।"
वहीं, पार्थ जिंदल ने रेखांकित किया कि भारत में कुल डीजल खपत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा कमर्शियल वाहनों में होता है। ऐसे में पैसेंजर कारों और टू-व्हीलर्स के साथ-साथ बसों व ट्रकों को भी इलेक्ट्रिक पर शिफ्ट करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और भरोसेमंद आफ्टर-सेल्स सर्विस ही कमर्शियल ईवी अपनाने की असली कुंजी है।
कंपनी AMPSTAR वाहनों को 'बैटरी-एज-अ-सर्विस' और लाइफटाइम सपोर्ट के साथ बेचेगी। JSW ग्रीनटेक ने फिलहाल व्यक्तिगत बस और ट्रक मॉडल्स की कीमतों या सटीक लॉन्च शेड्यूल का खुलासा नहीं किया है।