पेट्रोल में मिलावट एक गंभीर समस्या है जो माइलेज घटाने के साथ इंजन को परमानेंट नुकसान पहुंचा सकती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, आप गंध, रंग, पेपर टेस्ट और पानी के इस्तेमाल से घर बैठे पेट्रोल की शुद्धता की जांच कर सकते हैं। गाड़ी का अचानक झटके देना या औसत से कम माइलेज देना भी खराब तेल का बड़ा संकेत है।
कैसे करें शुद्धता की पहचान?
पेट्रोल पंप पर तेल भरवाते समय या घर पर आप इन आसान तरीकों से सतर्क रह सकते हैं:
सफेद कागज टेस्ट : यह सबसे सटीक तरीका माना जाता है। इसके लिए सफेद कागज पर पेट्रोल की कुछ बूंदें डालें। अगर वह बिना कोई निशान या चिकनाई छोड़े उड़ जाए, तो पेट्रोल शुद्ध है। दाग रह जाने का मतलब है कि इसमें मिलावट की गई है।
गंध और रंग पर गौर करें: शुद्ध पेट्रोल का रंग हल्का पीला या पारदर्शी होता है, जबकि मिलावटी पेट्रोल गहरा या धुंधला दिखाई दे सकता है। वहीं, अगर पेट्रोल से केरोसीन या किसी केमिकल जैसी अजीब बदबू आए, तो सावधान हो जाएं।
पानी वाला टेस्ट: एक पारदर्शी बोतल में थोड़ा सा पेट्रोल और पानी मिलाकर हिलाएं। शुद्ध होने पर पेट्रोल और पानी की दो स्पष्ट अलग परतें बन जाएंगी, लेकिन अगर बीच में कोई तीसरी परत या गड़बड़ी दिखे, तो तेल अशुद्ध हो सकता है।
वाहन के संकेतों को समझें: अगर आपकी गाड़ी अचानक चलते समय झटके लेने लगे, स्टार्ट होने में नखरे दिखाए या साइलेंसर से बहुत अधिक सफेद या काला धुआं निकले, तो समझ लीजिए कि इंजन में मिलावटी पेट्रोल पहुंच चुका है।
क्या आपकी गाड़ी को पेट्रोल खराब है?
अक्सर हम इंजन की खराबी मानकर मैकेनिक के पास जाते हैं और हजारों का बिल भरते हैं, जबकि असली जड़ वह पेट्रोल पंप हो सकता है जहां से आप नियमित तेल भरवाते हैं। मिलावटी पेट्रोल इंजन के पिस्टन और कंबशन चैंबर को बुरी तरह प्रभावित करता है।इसलिए संदेह होने पर तुरंत पेपर टेस्ट की मांग करें।