फ्यूल फिलिंग (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : एआई
1. गर्मी में फैलता है ईंधन
विज्ञान का एक सरल नियम है कि तापमान बढ़ने पर पेट्रोल और डीजल का आयतन बढ़ता है, यानी वे फैलते हैं। भारत में गर्मियों के दौरान पारा अक्सर 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है। भीषण गर्मी के कारण टैंक के अंदर मौजूद ईंधन न केवल गर्म होकर फैलता है, बल्कि तेजी से भाप में भी बदलने लगता है। यदि आप टैंक को बिल्कुल ऊपर तक भर देते हैं तो ईंधन के इस फैलाव के लिए टैंक में कोई खाली जगह नहीं बचती। इस स्थिति में टैंक के अंदर गैस और अत्यधिक दबाव बन जाता है, जो आपकी कार के वेंटिंग सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
फ्यूल फिलिंग (सांकेतिक तस्वीर)
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फ्यूल फिलिंग (सांकेतिक तस्वीर)
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3. फ्यूल छलकने का डर
गर्मियों में इस तरह के खतरों से बचने के लिए फ्यूल भरवाते समय आपको कुछ आसान सावधानियां बरतनी चाहिए। सबसे पहले, पेट्रोल पंप पर जैसे ही मशीन का नोजल अपने आप बंद यानी ऑटो-कट हो जाए, फ्यूल भरवाना वहीं रोक दें। अक्सर हम राउंड फिगर यानी 1 हजार या 2 हजार रुपये का हिसाब बनाने के चक्कर में ऑटो-कट के बाद भी जबरदस्ती तेल डलवाते हैं, जिससे बचना चाहिए। इसके अलावा, तेज गर्मी के दिनों में कार को यथासंभव छांव में ही पार्क करने की कोशिश करें और हमेशा यह सुनिश्चित करें कि आपकी गाड़ी के फ्यूल टैंक का ढक्कन ठीक से और पूरी तरह टाइट बंद हो।