IOCL delivers Hydrogen-powered Bus to Indian Army
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भारतीय सेना ने सतत परिवहन समाधानों के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के साथ सहयोग किया है। सेना और IOCL के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। और इस कार्यक्रम में भारतीय सेना को हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाली बस सौंपी गई। इस कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे और इंडियन ऑयल के अध्यक्ष श्रीकांत माधव वैद्य मौजूद थे।
इंडियनऑयल इस समय दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 15 फ्यूल सेल बसों का संचालन कर रहा है, जो कुल मिलाकर 3,00,000 किलोमीटर की दूरी तय करती हैं। यानी प्रत्येक बस पर 20000 किमी। इंडियनऑयल के अध्यक्ष एस एम वैद्य ने कहा, "आज वास्तव में एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है कि ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल बस बेड़े का हिस्सा वाली बस अब भारतीय सेना द्वारा संचालित की जाएगी। भारतीय सेना के साथ यह सहयोग हरित और अधिक टिकाऊ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
IOCL delivers Hydrogen-powered Bus to Indian Army
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हाइड्रोजन फ्यूल सेल बस में 37 यात्रियों की बैठने की क्षमता है। पूरी तरह से भरे 30 किलोग्राम हाइड्रोजन ईंधन की टंकी पर बस की चलने की सीमा 250-300 किमी है। बस एक इलेक्ट्रो केमिकल प्रोसेस (विद्युत-रसायनिक प्रक्रिया) के जरिए हाइड्रोजन गैस को बिजली में परिवर्तित करके चलती है। इस पूरी प्रक्रिया में सिर्फ पानी का भाप बाय-प्रॉडक्ट के तौर पर निकलता है। इस बसों को टाटा मोटर्स ने बनाया है। सितंबर 2023 में टाटा मोटर्स द्वारा IOCL को पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाली बस सौंपी गई थी।
चुशुल में एक पायलट प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है। जहां एक 200 किलो वॉट ग्रीन हाइड्रोजन आधारित माइक्रोग्राम सैनिकों को चौबीसों घंटे स्वच्छ बिजली प्रदान करेगा। भारतीय सेना के वरिष्ठ सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम, एडीसी ने सहयोग पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, "इंडियन ऑयल और भारतीय सेना के बीच साझेदारी छह दशक से भी ज्यादा समय से चली आ रही है और यह विश्वास के एक अटूट बंधन पर आधारित है। भारतीय सेना पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने के साथ-साथ हमारी ऑपरेशनल क्षमताओं को बढ़ाने वाली नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम हाइड्रोजन बसों में से एक की टेस्टिंग करेंगे। और मुझे उन्हें अपने सहयोगी के रूप में चुनने के लिए इंडियनऑयल को धन्यवाद देना चाहिए।"