टैक्स कटौती ने मांग को कैसे बढ़ावा दिया?
सरकार द्वारा सितंबर में लागू की गई टैक्स कटौती का सीधा असर कार बिक्री पर दिखा।
- 1,500cc से ज्यादा इंजन वाली एसयूवी पर टैक्स
- 50% से घटाकर 40%
- छोटी कारों पर टैक्स
- 28% से घटाकर 18%
इस बदलाव से कई कारें पहले के मुकाबले सस्ती हुईं और खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ी।
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त्योहारी सीजन का बिक्री पर क्या असर पड़ा?
अक्तूबर से दिसंबर की तिमाही में:
- कार डिस्पैच 21% बढ़कर
- रिकॉर्ड 12.8 लाख यूनिट तक पहुंच गया
त्योहारी मौसम को बड़े ख़रीदारी फैसलों के लिए शुभ माना जाता है, जिसका फायदा ऑटो सेक्टर को मिला।
ब्रोकरेज हाउस अब आगे क्या अनुमान लगा रहे हैं?
मजबूत मांग को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म्स ने अपने अनुमान बढ़ाए हैं। नोमुरा और एलारा कैपिटल के मुताबिक, मार्च 2026 तक कार डिस्पैच में करीब 8% बढ़ोतरी की उम्मीद
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FY26 की शुरुआत में कंपनियों का रुख कैसा था?
वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत में कार निर्माताओं ने अपेक्षाकृत सतर्क अनुमान दिए थे।
- अनुमानित वृद्धि: 1% से 2%
कारण:
- मांग में ठंडक
- बढ़ती प्रतिस्पर्धा
यह अनुमान पिछले साल की 2% वृद्धि से कम था।
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क्या वित्त वर्ष के अंत में रफ्तार बनी रह सकती है?
कंपनियों का कहना है कि:
- वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में
- नई लॉन्च की गई कारों को लेकर रुचि बनी हुई है
इसी के दम पर बिक्री की गति बरकरार रहने की उम्मीद है
निष्कर्ष
टैक्स कटौती, त्योहारी मांग और नए मॉडलों की लॉन्चिंग ने दिसंबर 2025 में भारतीय कार बाजार को नई रफ्तार दी है। हालांकि साल की शुरुआत में आशंकाएं थीं, लेकिन ताज़ा आंकड़े संकेत देते हैं कि ऑटो सेक्टर फिलहाल मजबूत स्थिति में बना हुआ है।
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