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जुलाई में ऑटो इंडस्ट्री को मिलेगी रफ्तार!: पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों की बिक्री 20% से ज्यादा बढ़ने की उम्मीद

Wed, 29 Jul 2026 11:27 AM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर जुलाई 2026 में अपनी बढ़त की रफ्तार को बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। वित्तीय शोध फर्म 'नुवामा' की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, पैसेंजर व्हीकल्स और कमर्शियल व्हीकल्स की मजबूत मांग के दम पर जुलाई में ऑटो होलसेल बिक्री में भारी उछाल आने की संभावना है।
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Auto wholesales - फोटो : Amar Ujala

भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए जुलाई 2026 उत्साहजनक रहने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म नुवामा (Nuvama) की रिपोर्ट के अनुसार, पैसेंजर वाहन (PV) और कमर्शियल वाहन (CV) सेगमेंट में घरेलू होलसेल बिक्री सालाना आधार (YoY) पर 20% से अधिक बढ़ सकती है। वहीं, दोपहिया वाहन, ट्रैक्टर और वाहन निर्यात में भी सकारात्मक रुझान बने रहने का अनुमान है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बेहतर किफायती विकल्प, नए मॉडल, आसान वाहन फाइनेंस और कुछ बाजारों में मजबूत मांग ऑटो सेक्टर की बिक्री को सहारा दे रहे हैं।


पैसेंजर वाहनों की बिक्री कितनी बढ़ सकती है?

नुवामा का अनुमान है कि जुलाई 2026 में घरेलू बाजार में पैसेंजर वाहन (PV) सेगमेंट मजबूत प्रदर्शन करेगा।

25% से अधिक वृद्धि की उम्मीद:
रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू होलसेल बिक्री में पैसेंजर वाहनों की वृद्धि 25% से ज्यादा रहने का अनुमान है।

रिपोर्ट का मानना है कि बेहतर उपभोक्ता मांग और बाजार में लगातार लॉन्च हो रहे नए मॉडल इस सेगमेंट की बिक्री को मजबूती देंगे।

कमर्शियल वाहनों को क्या मिलेगा फायदा?

रिपोर्ट में कमर्शियल वाहन उद्योग के लिए भी मजबूत वृद्धि का अनुमान जताया गया है।

20% से ज्यादा बढ़ सकती है बिक्री:
जुलाई 2026 में घरेलू बाजार में कमर्शियल वाहन (CV) की होलसेल बिक्री 20% से अधिक बढ़ने का अनुमान है।

नुवामा के अनुसार, बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है और वित्तीय संस्थानों से वाहन ऋण की उपलब्धता भी बिक्री को समर्थन दे रही है।

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passenger vehicles - फोटो : AI

ऑटो सेक्टर की मांग को क्या सहारा मिल रहा है?

रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल ऑटोमोबाइल उद्योग की मांग को कई सकारात्मक कारक समर्थन दे रहे हैं।

इनमें प्रमुख हैं-

  • वाहनों की बेहतर किफायती उपलब्धता
  • नए मॉडलों की लॉन्चिंग
  • रिटेल बाजार में वाहन फाइनेंस की पर्याप्त उपलब्धता

रिपोर्ट का कहना है कि इन वजहों से अलग-अलग वाहन श्रेणियों में मांग मजबूत बनी हुई है।


दोपहिया वाहनों का प्रदर्शन कैसा रहने का अनुमान है?

नुवामा के अनुसार, जुलाई 2026 में दोपहिया वाहन (2W) सेगमेंट भी दो अंकों की वृद्धि दर्ज कर सकता है।

15% से अधिक सालाना वृद्धि:
घरेलू बाजार में दोपहिया वाहनों की बिक्री 15% से ज्यादा बढ़ने का अनुमान है।

रिपोर्ट ने इसके पीछे तीन प्रमुख वजहें बताई हैं-

  • बेहतर किफायती विकल्प
  • शादी-ब्याह के मौसम से मिलने वाली मांग
  • वाहन खरीद के लिए पर्याप्त फाइनेंस सुविधा

 

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Car Export - फोटो : Nissan

निर्यात को किन बाजारों से मिलेगा सहारा?

रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकांश वाहन निर्माताओं (OEMs) के लिए निर्यात का प्रदर्शन भी सकारात्मक बना रह सकता है।

इसकी प्रमुख वजह इन क्षेत्रों में बढ़ती मांग बताई गई है-

  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • एशिया

रिपोर्ट का अनुमान है कि इन बाजारों में बिक्री बढ़ने से बड़े पैमाने पर वाहन बनाने वाली कंपनियों के निर्यात को मजबूती मिलेगी।


ट्रैक्टर बाजार को क्या बढ़ावा देगा?

रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2026 में ट्रैक्टर सेगमेंट भी अपनी सकारात्मक रफ्तार बनाए रख सकता है।

10% से ज्यादा वृद्धि की उम्मीद:
घरेलू ट्रैक्टर बिक्री में 10% से अधिक सालाना वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।

इसके पीछे रिपोर्ट ने कई कारण बताए हैं-

  • बेहतर किफायती स्थिति
  • ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी की उपलब्धता में सुधार
  • कृषि क्षेत्र के लिए ऋण की पर्याप्त उपलब्धता

हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईंधन महंगाई की वजह से इस क्षेत्र में व्यापार की शर्तें अभी भी प्रतिकूल बने हुए हैं।

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Tractor - फोटो : AdobeStock

आगे किसानों की मांग पर किस बात की नजर रहेगी?

नुवामा का मानना है कि आने वाले समय में ग्रामीण बाजार की मांग का सबसे बड़ा आधार मानसून रहेगा।

रिपोर्ट के अनुसार-

बारिश पर रहेगी नजर:
वर्षा का दायरा और उसका वितरण किसानों के भरोसे और ट्रैक्टर की मांग तय करने वाले प्रमुख कारक होंगे।


FY26 से FY28 के बीच किस सेगमेंट में बेहतर ग्रोथ दिख सकती है?

रिपोर्ट ने मध्यम अवधि यानी FY26 से FY28 के लिए भी ऑटो उद्योग का अनुमान पेश किया है।

इस दौरान व्यक्तिगत परिवहन से जुड़े वाहन, कमर्शियल और कृषि मशीनरी की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

पैसेंजर वाहन:
घरेलू बाजार में 11% CAGR (चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर) रहने का अनुमान है।

दोपहिया वाहन:
इस अवधि में 7% CAGR की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।

वहीं रिपोर्ट के अनुसार-

  • मीडियम और हेवी कमर्शियल वाहन (MHCV) की वृद्धि अपेक्षाकृत सीमित रह सकती है।
  • ट्रैक्टर सेगमेंट में भी ग्रोथ मध्यम रहने की संभावना है।
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Auto wholesales - फोटो : AI

रिपोर्ट का सबसे बड़ा संकेत क्या है?

नुवामा की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2026 में भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग की होलसेल बिक्री मजबूत रहने की संभावना है। पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों की बिक्री में 20% से अधिक वृद्धि का अनुमान है, जबकि दोपहिया वाहन और ट्रैक्टर सेगमेंट भी सकारात्मक रुख बनाए रख सकते हैं। रिपोर्ट का मानना है कि बेहतर किफायती विकल्प, नए मॉडल, आसान फाइनेंस और अफ्रीका, लैटिन अमेरिका व एशिया जैसे बाजारों में बढ़ते निर्यात से उद्योग को मजबूती मिलेगी। वहीं, आने वाले समय में ग्रामीण मांग के लिए मानसून की स्थिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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