सार
Indian Auto Market: नए साल की शुरुआत भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए बेहद सकारात्मक रही है। FADA के ताजा आंकड़ों के मुताबिक जनवरी महीने में देशभर में वाहनों के पंजीकरण में साल-दर-साल 17.6% की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई है। इस दौरान 27.2 लाख से ज्यादा नए वाहन सड़कों पर उतरे जो मजबूत होती अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं के बढ़ते भरोसे का संकेत है।
जनवरी में जबरदस्त वाहन रजिस्ट्रेशन (एआई)
- फोटो : एआई
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लिए नया साल खुशियों की सौगात लेकर आया है। गाड़ियों की बिक्री के मामले में जनवरी का महीना बेहद शानदार रहा, जिससे पूरे उद्योग में उत्साह का माहौल है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के ताजा आंकड़ों ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि भारतीय ग्राहकों ने पिछले महीने दिल खोलकर गाड़ियां खरीदीं। अगर आंकड़ों की बात करें तो पिछले साल जनवरी की तुलना में इस साल वाहनों के कुल पंजीकरण में 17.6% की बड़ी बढ़त देखी गई है। यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले महीने देश भर में 27.2 लाख से अधिक नए वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ। शोरूम से सड़क पर उतरने वाली गाड़ियों की संख्या में बहुत तेजी आई है, जो देश की मज़बूत होती अर्थव्यवस्था और लोगों की बढ़ती खरीद क्षमता का सीधा संकेत है।
बिक्री बढ़ने की मुख्य वजहें
वाहन पंजीकरण बढ़ने का सीधा मतलब है कि लोग शोरूम जाकर असलियत में गाड़ियां खरीद रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इस बार रिकॉर्ड बिक्री के पीछे ये 3 बड़े कारण रहे हैं।
- GST के बाद कम हुई कीमतें: सरकार के जरिए टैक्स (जीएसटी) की दरों में जो बदलाव और कटौतियां की गईं, उससे गाड़ियां खरीदना पहले के मुकाबले थोड़ा किफायती हो गया है। इसी कीमत में कमी का फायदा अब बाजार में दिख रहा है।
- गांवों में बढ़ी कमाई: ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की आमदनी बढ़ी है और उनके पास नकदी की उपलब्धता बेहतर हुई है। यही वजह है कि गांवों और छोटे शहरों में मोटरसाइकिल और स्कूटरों की जबरदस्त मांग बढ़ गई है।
- आवाजाही और सामान ढुलाई की जरूरत: देश में सामान को एक जगह से दूसरी जगह भेजने और लोगों के खुद के आने-जाने की जरूरतें पहले से ज्यादा बढ़ गई हैं। इसकी वजह से बड़े ट्रकों (फ्रेट) और निजी कारों की डिमांड में काफी तेजी आई है।
सेगमेंट के अनुसार प्रदर्शन
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के VAHAN पोर्टल से संकलित डाटा के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों में प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
| वाहन श्रेणी |
वृद्धि दर (%) |
मुख्य बिंदु |
| दोपहिया वाहन |
20.82% |
सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई। |
| कमर्शियल वाहन |
15.07% |
लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में मांग का संकेत। |
| पैसेंजर वाहन |
7.22% |
पंजीकरण 5 लाख यूनिट्स के पार पहुंचा। |
FADA का क्या कहना है?
FADA के विशेषज्ञों का मानना है कि कारों (पैसेंजर व्हीकल) की बिक्री में तो लगातार सुधार हो ही रहा है लेकिन असली खुशी की बात दोपहिया वाहनों और व्यावसायिक वाहनों (जैसे ट्रक और टेम्पो) की बिक्री में आई तेजी है। इन दोनों क्षेत्रों में 10% से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। ये यह साफ दिखाता है कि लोग भविष्य को लेकर भरोसे में हैं और बाजार में खरीदारी का माहौल काफी सकारात्मक बना हुआ है।