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भारत ने इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में अमेरिका को कैसे पीछे छोड़ा?: लगातार छह महीनों तक बनाई बढ़त

Mon, 19 Oct 2026 08:42 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में इलेक्ट्रिक कारों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। अप्रैल 2026 से लगातार छह महीनों तक नई कारों की बिक्री में पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी अमेरिका से ज्यादा रही है। जानें इसके पीछे क्या वजहें हैं।
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India EV market - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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ग्लोबल एनर्जी थिंक टैंक एंबर की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने अप्रैल 2026 से लगातार छह महीनों तक नई कारों की कुल बिक्री में पूरी तरह से इलेक्ट्रिक कारों (BEV) की हिस्सेदारी के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि कुल संख्या के हिसाब से भारत में अभी अमेरिका से कम इलेक्ट्रिक कारें बिकती हैं। लेकिन नए कार बाजार में ईवी की हिस्सेदारी के लिहाज से यह एक बड़ा बदलाव है।
  • एंबर का ग्लोबल डेटा: एंबर के 56 देशों को कवर करने वाले नए ईवी सेल्स ट्रैकर से पता चला है कि अप्रैल के बाद से भारत में हर महीने अमेरिका की तुलना में बीईवी (BEV) बिक्री की हिस्सेदारी अधिक दर्ज की गई है। इस तरह भारत उन 15 देशों में शामिल हो गया है जिन्होंने 2026 में इस मामले में अमेरिका को पीछे छोड़ा है।
  • प्रतिशत बनाम कुल संख्या: यह तुलना नई कारों की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों के प्रतिशत के आधार पर है, न कि बेची गई कुल कारों की संख्या पर। वर्तमान में एंबर द्वारा ट्रैक किए जाने वाले 56 में से 49 देशों में ईवी की बिक्री का हिस्सा अमेरिका से अधिक है।

 

अमेरिका के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में गिरावट क्यों आई है?

2026 के पहले आठ महीनों के दौरान अमेरिका में बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों की बाजार हिस्सेदारी गिरकर हल्की गाड़ियों की कुल बिक्री का 6 प्रतिशत रह गई है।
  • फेडरल इंसेंटिव्स का हटना: एंबर ने इस सुस्ती का एक बड़ा कारण संघीय इलेक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहन को वापस लेना बताया है। जो पहले इलेक्ट्रिक कारों की मांग को समर्थन देते थे।
  • भारत की स्थिति: इसके उलट, नए मॉडलों के लॉन्च होने, बेहतर गाड़ियों की उपलब्धता और उपभोक्ताओं के बीच स्वीकार्यता बढ़ने के कारण भारत का ईवी बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में भारत की इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री 192,000 यूनिट्स को पार कर गई, जबकि अकेले सितंबर महीने में 36,904 यूनिट्स की रिकॉर्ड खुदरा बिक्री दर्ज की गई।

 

भारतीय बाजार में EV की रफ्तार और टाटा मोटर्स का दबदबा कैसा है?

  • टाटा मोटर्स की हिस्सेदारी: जनवरी से सितंबर 2026 के बीच भारत में 1,01,484 ईवी बेचकर टाटा मोटर्स (Tata Motors) इस सेगमेंट की सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है। इस दौरान भारत में बिकने वाली कुल 2,55,326 इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ियों में टाटा की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत रही है।
  • पेनेट्रेशन रेट: वाहन (VAHAN) रजिस्ट्रेशन डेटा के अनुसार, अप्रैल 2026 में भारत में ईवी का पेनेट्रेशन रेट बढ़कर 5.8 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 3.7 प्रतिशत था। इसी महीने भारत ने अमेरिका को पीछे छोड़ा, जहां उस समय बीईवी पेनेट्रेशन 5.1 प्रतिशत था।

 

इस उपलब्धि का भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए क्या मतलब है?

  • कुल संख्या बनाम हिस्सेदारी: यह मील का पत्थर भारत में ईवी की तेज रफ्तार को दर्शाता है, न कि यह कि भारत का कुल ईवी बाजार अमेरिका से बड़ा है। अमेरिका कुल मिलाकर अधिक कारें बेचता है, इसलिए संख्या के मामले में वहां ईवी ज्यादा बिकते हैं। उदाहरण के लिए अप्रैल में भारत में लगभग 23,500 इलेक्ट्रिक कारें बिकीं। जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा करीब 70,000 था।
  • भविष्य की संभावनाएं: चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और शुरुआती कीमत जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। लेकिन भारत की यह छह महीने की बढ़त यह साबित करती है कि किफायती इलेक्ट्रिक मॉडल और बढ़ते विकल्पों के कारण अब ईवी केवल शुरुआती खरीदारों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि मुख्यधारा में आ रहे हैं।
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