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WhAP Armoured Vehicles: भारत के WhAP बख्तरबंद वाहनों ने चीन के टाइप-08 को पछाड़ा, मोरक्को में हुए परीक्षण

Sat, 02 Nov 2024 06:06 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत के व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म (डब्ल्यूएचएपी) (WhAP) ने मोरक्को सेना द्वारा किए गए कई कठिन परीक्षणों में आधिकारिक तौर पर चीन के Type-08 (टाइप-08) बख्तरबंद वाहन को पछाड़ दिया है।
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WhAP Armoured Vehicles - फोटो : TASL
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विस्तार
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टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) द्वारा निर्मित भारत के व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म (डब्ल्यूएचएपी) (WhAP) ने मोरक्को सेना द्वारा किए गए कई कठिन परीक्षणों में आधिकारिक तौर पर चीन के Type-08 (टाइप-08) बख्तरबंद वाहन को पछाड़ दिया है।
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इस प्रदर्शन से भारत और मोरक्को के बीच अभूतपूर्व साझेदारी हुई, जो भारतीय रक्षा निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, TASL ने मोरक्को के राष्ट्रीय रक्षा प्रशासन के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। जिससे यह भारत के सबसे बड़े वैश्विक रक्षा सौदों में से एक बन गया है। इस तीन साल के समझौते के तहत, कैसाब्लांका में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स मोरक्को (TASM) सालाना 100 WhAPs का उत्पादन करेगा। जिससे 90 प्रत्यक्ष और 250 अप्रत्यक्ष नौकरियों के साथ स्थानीय रोजगार में पर्याप्त बढ़ोतरी होगी। यह उत्पादन पहल मोरक्को के WhAP में स्वदेशी सामग्री को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य भी रखती है। जो मोरक्को की अपने खुद के रक्षा उद्योग को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

टीएएसएल के सीईओ सुकरन सिंह ने कहा, "यह अनुबंध हमारे लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि हम वैश्विक बाजारों में विस्तार करना जारी रखते हैं।" ऊबड़-खाबड़ इलाकों से निपटने के लिए बनाया गया और एम्फीबियस (उभयचर) और बारूदी सुरंग-रोधी क्षमताओं से लैस, WhAP एक बेहद बहुमुखी वाहन है। जिस पर भारतीय सेना पहले से ही विभिन्न मिशनों के लिए भरोसा करती है।

मोरक्को के लिए यह सहयोग एक रणनीतिक बदलाव का प्रतीक है। देश अमेरिका जैसे प्रमुख हथियार आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है। और इसका रक्षा बजट, जो 2024 के लिए 12.2 अरब डॉलर अनुमानित है, एक अधिक आत्मनिर्भर रक्षा बुनियादी ढांचे के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करता है। मोरक्को ने सैन्य उत्पादन के लिए दो समर्पित क्षेत्रों को भी मंजूरी दी है। जो अपने घरेलू रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए मजबूत प्रतिबद्धता दिखाता है। 
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इस बीच, अफ्रीकी रक्षा में भारत की भूमिका बढ़ रही है। भारत-अफ्रीका रक्षा वार्ता और संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास जैसी पहलों के जरिए, भारत ने अफ्रीकी देशों के साथ अपने संबंधों को गहरा किया है। मोरक्को के साथ यह साझेदारी न सिर्फ उत्तरी अफ्रीका में भारत की स्थिति को मजबूत करती है। बल्कि आगे के सहयोग के लिए भी द्वार खोलती है, जिससे पूरे क्षेत्र में रक्षा प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान के लिए नए रास्ते खुलते हैं।
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