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भारतीय दोपहिया वाहन निर्यात ने कौन-सा नया मुकाम हासिल किया?: कौन सा देश बना सबसे बड़ा बाजार?

Sat, 19 Sep 2026 03:13 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत के दोपहिया वाहन निर्यात क्षेत्र में तेज सुधार देखने को मिल रहा है। अगस्त में देश से 5.6 लाख यूनिट दोपहिया वाहनों का निर्यात हुआ, जिससे मासिक निर्यात पहली बार 5 लाख के आंकड़े को पार कर गया।
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Indian Two Wheelers Export - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारत के दोपहिया वाहन निर्यात ने जबरदस्त मजबूती दिखाई है। अगस्त में भारत का मासिक दोपहिया वाहन निर्यात 5,60,000 (5.6 लाख) यूनिट्स के आंकड़े को पार कर गया है। यह उछाल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत कर रहे भारतीय ऑटो निर्माताओं के लिए एक बेहतरीन सुधार का संकेत देता है।

 

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में एक्सपोर्ट और कमाई का आंकड़ा कितना बढ़ा है?

हालिया आंकड़ों के मुताबिक, निर्यात की मात्रा और कुल मूल्य दोनों में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है:
  • यूनिट्स में ग्रोथ: वित्त वर्ष 2027 (FY27) की पहली तिमाही के दौरान मोटरसाइकिल और स्कूटर का निर्यात औसतन 5,20,000 (5.2 लाख) यूनिट्स प्रति माह रहा। जो कि वित्त वर्ष 2024 (FY24) के 2.9 लाख यूनिट्स प्रति माह के औसत से काफी ज्यादा है। यह लगभग 22 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) को दर्शाता है।
  • कमाई में बढ़ोतरी: निर्यात से होने वाली मासिक औसत कमाई FY24 के 23.1 करोड़ डॉलर से बढ़कर FY27 की पहली तिमाही में 37.55 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई है।
  • कुल 5-महीने का आंकड़ा: चालू वित्त वर्ष के पहले 5 महीनों में भारत का कुल टू-व्हीलर एक्सपोर्ट 27 लाख यूनिट्स तक पहुंच गया है। जो पिछले साल इसी अवधि में 20 लाख यूनिट्स था।

 

लैटिन अमेरिका और अफ्रीकी बाजारों में भारतीय टू-व्हीलर्स की मांग क्यों बढ़ रही है?

लैटिन अमेरिका भारतीय दोपहिया वाहनों के निर्यात में सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है:
  1. आर्थिक साधन के रूप में मांग: ब्राजील, पेरू और कोलंबिया जैसे प्रमुख बाजारों में मोटरसाइकिलों को अब सिर्फ व्यक्तिगत सवारी नहीं, बल्कि डिलीवरी और कूरियर जैसी 'गिग इकोनॉमी' के लिए एक अनिवार्य आर्थिक साधन माना जा रहा है।
  2. बेहतर सामर्थ्य: कम ब्याज दरों, घटती मुद्रास्फीति और बढ़ती वास्तविक आय ने भी मांग को बढ़ावा दिया है। इसके अलावा, भारतीय कंपनियों ने स्थानीय असेंबली प्लांट लगाकर और डीलर नेटवर्क बढ़ाकर विदेशी मुद्रा के उतार-चढ़ाव के असर को कम किया है।
  3. अन्य बाजारों में सुधार: नाइजीरिया, केन्या और कांगो जैसे अफ्रीकी देशों में स्थानीय मुद्राओं के स्थिर होने से बाजार सुधर रहा है। वहीं, श्रीलंका के बाजार का दोबारा खुलना और नेपाल से लगातार आ रही मांग निर्यात को सहारा दे रही है। हालांकि अर्जेंटीना अभी भी आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है।

 

बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर जैसी दिग्गज कंपनियों का प्रदर्शन कैसा रहा?

भारत की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां इस वैश्विक मांग का पूरा फायदा उठा रही हैं:
  • बजाज ऑटो (Bajaj Auto): देश की सबसे बड़ी टू-व्हीलर एक्सपोर्टर कंपनी बजाज ऑटो ने FY27 के पहले 5 महीनों में ही 11 लाख से अधिक यूनिट्स एक्सपोर्ट करने की जानकारी दी है। कंपनी ने लैटिन अमेरिका को अपनी वॉल्यूम ग्रोथ और कमाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र माना है।
  • टीवीएस मोटर (TVS Motor): दूसरी सबसे बड़ी निर्यातक टीवीएस मोटर अफ्रीका में अपनी मजबूत पकड़ के बाद अब लैटिन अमेरिका में तेजी से विस्तार कर रही है। टीवीएस के डायरेक्टर और सीईओ के.एन. राधाकृष्णन के अनुसार, कंपनी अधिकांश लैटिन अमेरिकी देशों में एक्टिव है। और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए मार्केटिंग निवेश को और बढ़ा रही है।
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