त्योहारों के बाद भी जारी है गाड़ियों की खरीदारी का सिलसिला (सांकेतिक तस्वीर)
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दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के बाद अक्सर गाड़ियों की बिक्री धीमी पड़ जाती है। लेकिन इस साल नवंबर में ऑटो सेक्टर ने सबको चौंका दिया है। कारों की मांग में कोई कमी नहीं आई है, बल्कि बिक्री और भी तेज हो गई है। ऑटो उद्योग संगठन SIAM की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर महीने में यात्री वाहनों (पैसेंजर व्हीकल्स) की बिक्री में 19% का जबरदस्त उछाल आया है।
नवंबर में बिकीं 4 लाख से ज्यादा कारें
आंकड़ों पर नजर डालें तो नवंबर 2025 में कंपनियों ने कुल 4,12,405 गाड़ियां डिस्पैच कीं। जबकि पिछले साल नवंबर 2024 में यह आंकड़ा 3,47,522 यूनिट था। यानी पिछले साल के मुकाबले इस बार करीब 18.7% ज्यादा गाड़ियां बिकी हैं।
किस कंपनी का रहा जलवा?
बिक्री के मामले में देश की बड़ी कंपनियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। मारुति सुजुकी जो देश की सबसे बड़ी कार कंपनी है, ने 1.70 लाख से ज्यादा गाड़ियां डिस्पैच कीं। ये आकड़ें पिछले साल के मुकाबले 21% ज्यादा है। महिंद्रा एंड महिंद्रा में एसयूवी का क्रेज अभी भी बरकरार है। नवंबर में कंपनी की बिक्री 22% बढ़कर 56,336 यूनिट हो गई। ह्यूंदै ने भी इस महीने 50,340 यूनिट्स के साथ 4% की ग्रोथ दर्ज की है।
स्कूटर और बाइक की भी रही धूम
नवंबर महीना सिर्फ कारों के लिए ही नहीं, बल्कि दो-पहिया वाहनों (Two-Wheelers) के लिए भी शानदार रहा। नवंबर महीने में कुल टू-व्हीलर बिक्री 21% बढ़कर 19.44 लाख यूनिट रही। सबसे ज्यादा तेजी स्कूटर्स में देखी गई, जिनकी बिक्री इस महीने 29% बढ़ी है। अगर बाइक सेगमेंट की बात करें तो मोटरसाइकिलों की बिक्री में भी 17.5% का इजाफा हुआ है। वहीं थ्री-व्हीलर्स में ऑटो-रिक्शा सेगमेंट में भी 21% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
क्या है इस तेजी की वजह?
SIAM के डायरेक्टर जनरल राजेश मेनन ने बताया कि त्योहारों के बाद भी बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है। इसके अलावा सरकार के 'जीएसटी 2.0' सुधारों का भी साकारात्मक असर दिख रहा है। उन्होंने बताया कि कार, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर तीनों सेगमेंट के लिए यह इतिहास का 'सबसे बेहतरीन नवंबर' रहा है। अगर सरकार की नीतियां ऐसी ही रहीं तो यह तेजी साल 2026 तक जारी रहने की उम्मीद है।