नई दिल्ली में हुआ बड़ा समझौता
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ऐतिहासिक समझौता एनएचएआई के चेयरमैन संतोष कुमार यादव और NHAI, IHMCL और ICICI बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में नई दिल्ली स्थित एनएचएआई मुख्यालय में हुआ। यह कदम टोलिंग सिस्टम को बैरियर-फ्री बनाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। साथ ही, हरियाणा के घरौंडा टोल प्लाजा (NH 44) पर भी इस तकनीक को लागू करने के लिए आईसीआईसीआई बैंक के साथ एक और समझौता हुआ है।
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देशभर में लागू होगी योजना
एनएचएआई की योजना है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष (FY26) में करीब 25 नेशनल हाइवे टोल प्लाजा पर इस तकनीक को लागू किया जाए। अभी ऐसे टोल प्लाजा की पहचान की जा रही है जहां यह सिस्टम सबसे पहले शुरू किया जाएगा।
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NHAI चेयरमैन का बयान
समझौते पर बोलते हुए एनएचएआई चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने कहा कि यह कदम भारत में टोलिंग सिस्टम के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। उन्होंने कहा, "तकनीक के इस्तेमाल से यह सिस्टम टोलिंग को और अधिक पारदर्शी, यूजर-फ्रेंडली और प्रभावी बनाएगा। यह नेशनल हाइवे संचालन में तकनीक-आधारित बदलाव की नींव रखेगा और आने वाले समय में पूरे देश में लागू होगा।"
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क्या है MLFF सिस्टम
मल्टी-लेन फ्री-फ्लो (MLFF) एक ऐसा टोलिंग सिस्टम है जिसमें वाहनों को रुकने की जरूरत नहीं होगी। इसमें FASTag (फास्टैग) और वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर (VRN) को हाई-परफॉर्मेंस RFID (आरएफआईडी) रीडर्स और ANPR कैमरों के जरिए स्कैन किया जाएगा।
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इससे क्या फायदा होगा
- वाहनों को टोल पर रुकना नहीं पड़ेगा
- ट्रैफिक जाम और यात्रा का समय कम होगा
- फ्यूल एफिशिएंसी बढ़ेगी और प्रदूषण घटेगा
- टोल राजस्व संग्रहण में पारदर्शिता और सटीकता आएगी
यानी यह सिस्टम न सिर्फ यात्रियों का समय और ईंधन बचाएगा, बल्कि देश के हाइवे नेटवर्क को भी स्मार्ट और आधुनिक बनाएगा।
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