प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के तेजी से बढ़ते प्रसार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखा गया है। जो वित्त वर्ष 2009-10 के 1.5 लाख यूनिट से 16 गुना (1,566.67%) से अधिक बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 25 लाख यूनिट तक पहुंच गई है।
पीएम मोदी ने न्यू-एज मोबिलिटी, बायोइकोनॉमी, एविएशन और ड्रोन तकनीक जैसे उभरते हुए क्षेत्रों की तीव्र प्रगति को भारत के युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का प्रमाण बताया।
भारत में बायोइकोनॉमी और अन्य उभरते क्षेत्रों की क्या स्थिति है?
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में इलेक्ट्रिक वाहनों के अलावा अन्य उभरते तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया:
- बायोइकोनॉमी में बड़ी छलांग: वर्ष 2014 से पहले देश की बायोइकोनॉमी का टर्नओवर महज 60,000 करोड़ रुपये था। जो वर्तमान में बढ़कर 20 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच चुका है। पीएम मोदी ने इस विस्तार का श्रेय सरकार की सहायक नीतियों और देश के युवाओं की क्षमता को दिया।
- एविएशन और मैन्युफैक्चरिंग: देश में नए हवाई अड्डों, नए हवाई मार्गों और रोजगार के नए अवसरों का तेजी से निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही, एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस व ओवरहालिंग गतिविधियों से कुशल श्रमिकों के लिए रोजगार पैदा हो रहा है। और भारत घरेलू स्तर पर विमान निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
- योजनाओं का लाभ और संपत्ति अनलॉक: प्रधानमंत्री के अनुसार, सरकारी योजनाओं के माध्यम से लगभग 3.25 करोड़ परिवार लाभान्वित हुए हैं और करीब 140 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति अनलॉक हुई है।
इन उभरते क्षेत्रों के विकास से भारत के युवाओं को क्या लाभ होगा?
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सहित इन सभी नए और हाई-टेक क्षेत्रों का विस्तार देश के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है। इससे न केवल रोजगार के नए संसाधन बन रहे हैं, बल्कि उभरती हुई तकनीकों और उद्योगों में भारत की क्षमताएं व आत्मनिर्भरता भी पहले से कहीं अधिक मजबूत हो रही हैं।