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सितंबर 2026 में भारत में यात्री वाहनों की बिक्री 22% बढ़कर 4.54 लाख हुई: किस वाहन श्रेणी में कितनी बिक्री हुई?

Thu, 15 Oct 2026 06:07 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में यात्री वाहनों की बिक्री में सितंबर 2026 के दौरान सालाना आधार पर 22% की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। उद्योग संगठन सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने वाहन बिक्री के आंकड़ें जारी किए हैं। जानें पूरी डिटेल्स।
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Automobile Industry - फोटो : PTI
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विस्तार
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वाहन उद्योग के लिए सितंबर का महीना बेहद शानदार रहा है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में पैसेंजर वाहनों की थोक बिक्री में मजबूत दो-अंकों की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, इसका एक बड़ा कारण पिछले साल का निचला आधार भी रहा है।
  • त्योहारी मांग का असर: नवरात्रि और दशहरा जैसे त्योहारों के दौरान ग्राहकों की मजबूत मांग को पूरा करने के लिए ऑटो निर्माताओं ने डीलर्स तक गाड़ियों की सप्लाई काफी बढ़ा दी है।
  • कुल बिक्री के आंकड़े: पिछले महीने देश में कुल 4,54,574 कारें, सेडान और यूटिलिटी वाहन (UVs) बिके, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 21.8 प्रतिशत की जोरदार तेजी को दर्शाता है।

 

विभिन्न सेगमेंट (कारें, दो-पहिया और तीन-पहिया) के आंकड़े क्या कहते हैं?

SIAM द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर महीने में सभी कैटेगरी में सकारात्मक ग्रोथ देखने को मिली है:
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वाहन श्रेणी (Category) सितंबर 2025 सितंबर 2026 बढ़ोतरी (% Change)
पैसेंजर वाहन (Passenger Vehicles) 373,347 454,574 +21.8%
तीन-पहिया वाहन (Three-Wheelers) 84,635 98,162 +16.0%
दो-पहिया वाहन (Two-Wheelers) 2,170,100 2,463,103 +13.5%

(नोट: आंकड़े केवल घरेलू बाजार की बिक्री से संबंधित हैं)

इसके अलावा, चालू वित्त वर्ष (FY2026-27) की पहली छमाही (H1) में पैसेंजर वाहनों की कुल बिक्री 28.3% बढ़कर 2.64 मिलियन यूनिट पर पहुंच गई है। कमर्शियल वाहनों की बिक्री में भी 23.8% की तेजी दर्ज की गई है।

 

चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (H1) में बाजार की मुख्य विशेषताएं क्या रहीं?

SIAM के अध्यक्ष शेनू अग्रवाल ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग ने शानदार प्रदर्शन किया है:
  • यूटिलिटी वाहनों का दबदबा: अप्रैल-सितंबर के दौरान यूटिलिटी वाहनों (UVs) की बिक्री में 31.4% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुल बिकने वाली कारों में अकेले यूटिलिटी वाहनों की हिस्सेदारी 68% है, जबकि हैचबैक और सेडान की बिक्री में 23.1% का इजाफा हुआ है।
  • अल्टरनेटिव फ्यूल और ईवी की हिस्सेदारी: सीएनजी, ईवी और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड जैसी वैकल्पिक ईंधन तकनीकें अब ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। बेहतर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सपोर्टिव नीतियों के कारण ईवी इकोसिस्टम भी तेजी से परिपक्व हो रहा है।
  • टू-व्हीलर सेक्टर की चाल: दो-पहिया सेगमेंट की बात करें तो स्कूटरों की मांग में जबरदस्त उछाल आया है, और इनकी बिक्री 29.4% बढ़कर 4.87 मिलियन यूनिट हो गई है, जबकि मोटरसाइकिलों की बिक्री 10.4% बढ़कर 6.93 मिलियन यूनिट रही।

 

आगामी त्योहारी सीजन और भविष्य को लेकर ऑटो कंपनियों का क्या नजरिया है?

ऑटो निर्माताओं को पूरी उम्मीद है कि त्योहारी सीजन के दौरान बिक्री का यह मजबूत सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। हालांकि, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन मजबूत आर्थिक बुनियाद, लगातार बुनियादी ढांचे पर खर्च और नए उत्पादों के लॉन्च से मांग को निरंतर समर्थन मिल रहा है।
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