भारत का इलेक्ट्रिक कार (ईवी) बाजार वित्तीय वर्ष 2026 (FY2026) में बहुत तेजी से बढ़ा है। इस साल कुल 1,99,923 पैसेंजर इलेक्ट्रिक कारें बिकीं, जो पिछले साल (FY2025) के मुकाबले 83.63% ज्यादा है। आंकड़ों से साफ है कि अब ग्राहक हर बजट में इलेक्ट्रिक कारें खरीदना पसंद कर रहे हैं। इस बंपर ग्रोथ का फायदा लगभग हर कार कंपनी को मिला है। बाजार में लगातार नए मॉडल्स आ रहे हैं, जिससे ग्राहकों को अपनी पसंद की कार चुनने के ज्यादा ऑप्शंस मिल रहे हैं। आइए देखते हैं FY2026 में कार कंपनियों का हाल कैसा रहा:
भारतीय इलेक्ट्रिक कार बाजार में टाटा मोटर्स का एकतरफा राज वित्तीय वर्ष 2026 में भी जारी रहा। कंपनी ने इस साल अपनी बादशाहत साबित करते हुए कुल 78,811 इलेक्ट्रिक गाड़ियां बेचीं, जो पिछले साल के मुकाबले 36% की शानदार बढ़त दर्शाती है। टाटा की इस सफलता के पीछे नेक्सॉन ईवी, पंच ईवी और हैरियर ईवी जैसे लोकप्रिय मॉडल्स का बड़ा हाथ रहा, जिन्होंने ग्राहकों का भरोसा जीतना जारी रखा।
इलेक्ट्रिक कार बाजार में जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने अपनी स्थिति को और भी मजबूत किया है और शानदार प्रदर्शन के साथ दूसरी पोजीशन पर कब्जा जमाया है। कंपनी ने इस साल कुल 53,089 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले साल के मुकाबले 74% की भारी बढ़ोतरी दर्शाती है। एमजी की इस जबरदस्त सफलता का सबसे बड़ा श्रेय 'विंडसर ईवी' को जाता है, जिसने बाजार में ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की।
इतना ही नहीं, 'साइबरस्टर' और 'M9' जैसे हाई-एंड मॉडल्स के जरिए कंपनी ने खुद को एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक ब्रांड के रूप में भी स्थापित किया है। अपनी इस बढ़त को बरकरार रखने के लिए एमजी अब अपनी अगली बड़ी तैयारी में जुट गई है। इसके तहत कंपनी जल्द ही अपनी नई इलेक्ट्रिक एसयूवी 'iM6' को भारतीय सड़कों पर उतारने वाली है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के लिए वित्तीय वर्ष 2026 किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं रहा, जहां कंपनी ने ईवी सेगमेंट में अब तक की सबसे लंबी छलांग लगाई है। महिंद्रा ने इस दौरान 42,721 इलेक्ट्रिक गाड़ियां बेचीं, जो पिछले साल (FY2025) के मुकाबले 5 गुना से भी ज्यादा की अविश्वसनीय ग्रोथ है। कंपनी की इस तूफानी तेजी के पीछे उसके नए इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो का हाथ रहा। इसमें BE 6, एक्सईवी 9e और एक्सईवी 9S जैसे दमदार मॉडल्स ने बाजार में आते ही हलचल मचा दी।
इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में ह्यूंदै ने भी अपनी स्थिति को काफी मजबूत किया है। वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी की ईवी बिक्री दोगुनी से भी ज्यादा बढ़कर 5,885 यूनिट्स तक पहुंच गई। ह्यूंदै की इस सफलता की सबसे बड़ी वजह 'क्रेटा इलेक्ट्रिक' रही, जिसे 2025 की शुरुआत में लॉन्च किया गया था। इस मॉडल को भारतीय ग्राहकों ने हाथों-हाथ लिया और यह कंपनी के लिए सबसे बड़ी ग्रोथ ड्राइवर साबित हुई।
भविष्य की बात करें तो साल 2026 में कंपनी का कोई बड़ा नया लॉन्च पाइपलाइन में नहीं है। हालांकि, ह्यूंदै की नजरें अब 2027 पर टिकी हैं। कंपनी 2027 में भारत में ही बनी एक नई कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक कार और क्रेटा इलेक्ट्रिक का नया अपडेटेड वर्जन बाजार में उतारने की योजना बना रही है। इससे इस सेगमेंट में उसकी पकड़ और भी गहरी होने की उम्मीद है।
दुनिया की दिग्गज ईवी कंपनी बीवायडी ने भारतीय बाजार के प्रीमियम सेगमेंट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी ने 5,361 यूनिट्स की बिक्री के साथ 54% की शानदार बढ़त हासिल की। बीवायडी की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि यह ब्रांड मुख्य रूप से 25 लाख से 55 लाख रुपये के ऊंचे प्राइस ब्रैकेट में काम करता है, जहां मुकाबला काफी कड़ा होता है।
इस ग्रोथ को रफ्तार देने में फरवरी 2025 में लॉन्च हुई 'सीलियन 7' एसयूवी का सबसे बड़ा योगदान रहा है। लग्जरी फीचर्स और बेहतरीन रेंज की वजह से इस मॉडल की डिमांड बाजार में लगातार बनी हुई है। इससे यह साबित होता है कि भारतीय ग्राहक अब प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारों के लिए बड़ी कीमत चुकाने को तैयार हैं।
वित्तीय वर्ष 2026 में किआ इंडिया ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री में सबको चौंकाते हुए सबसे तेज रफ्तार से तरक्की की है। कंपनी की ईवी सेल में करीब 9 गुना का जबरदस्त उछाल आया और यह बढ़कर 3,738 यूनिट्स तक पहुंच गई। किआ की इस तूफानी ग्रोथ के पीछे 'कैरेंस क्लैविस ईवी' की लॉन्चिंग और कंपनी की फ्लैगशिप कार 'ईवी6' के नए अपडेटेड वर्जन का बड़ा हाथ रहा है।
अपनी इसी शानदार परफॉरमेंस की बदौलत किआ अब ईवी रैंकिंग में भी ऊपर आ गई है। कंपनी की योजनाएं यहीं नहीं रुकतीं, किआ अपनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए साल 2026 में ही अपनी नई इलेक्ट्रिक कार 'सिरोस ईवी' को भारतीय बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है।
वियतनामी कंपनी विनफास्ट ने भारतीय इलेक्ट्रिक कार बाजार में बेहद कम समय में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। सितंबर 2025 में एंट्री करने के बावजूद, कंपनी ने कुछ ही महीनों के भीतर 2,390 यूनिट्स बेचकर एक दमदार शुरुआत की है। फिलहाल विनफास्ट के पोर्टफोलियो में VF6 और VF7 जैसे मॉडल्स शामिल हैं, जिन्हें भारतीय ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। कंपनी यहीं नहीं रुकने वाली है, बल्कि वह जल्द ही अपने लाइनअप का विस्तार करते हुए 'VF MPV 7' को भी भारतीय बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है।
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने इलेक्ट्रिक सेगमेंट में भले ही थोड़ी देर से कदम रखा, लेकिन इसकी शुरुआत किसी धमाके से कम नहीं रही। कंपनी ने फरवरी 2026 में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार 'ई-विटारा' को बाजार में उतारा और महज एक महीने से थोड़े अधिक समय में ही 1,416 यूनिट्स बेचने का कीर्तिमान बना दिया।
इस जबरदस्त रिस्पॉन्स की बदौलत मारुति ने आते ही देश की टॉप 8 इलेक्ट्रिक कार कंपनियों की लिस्ट में अपनी जगह पक्की कर ली है। मारुति का सफर यहीं नहीं रुकने वाला, कंपनी अब 'YMC' कोडनेम वाली एक नई इलेक्ट्रिक MPV पर तेजी से काम कर रही है। इसे जल्द ही लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। इससे साफ है कि मारुति अब ईवी बाजार में भी अपना वर्चस्व कायम करने की पूरी तैयारी में है।
वित्तीय वर्ष 2026 जहां अधिकांश कार कंपनियों के लिए खुशियां लेकर आया, वहीं सिट्रोएन के लिए यह साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा। सिट्रोएन इकलौता ऐसा ब्रांड रहा जिसकी ईवी बिक्री में इस दौरान भारी गिरावट देखी गई। कंपनी इस पूरे साल में मात्र 576 यूनिट्स ही बेच पाई, जो पिछले साल के मुकाबले 71% की बड़ी गिरावट है।
इस मंदी का मुख्य कारण कंपनी की इकलौती इलेक्ट्रिक कार 'eC3' में आधुनिक फीचर्स और समय के साथ अपडेट्स की कमी माना जा रहा है। आज के प्रतिस्पर्धी दौर में जहां दूसरी कंपनियां इसी बजट में ग्राहकों को बेहतर टेक्नोलॉजी और आधुनिक फीचर्स दे रही हैं, वहीं अपडेट्स की कमी के कारण सिट्रोएन ग्राहकों को अपनी ओर खींचने में नाकाम रही, जिसका सीधा असर उसकी बिक्री पर पड़ा है।