नई दिल्ली स्थित यशोभूमि कन्वेंशन और एक्सपो सेंटर में 8 से 10 जुलाई तक इंडिया एनर्जी स्टोरेज वीक (IESW) 2025 का आयोजन किया जाएगा। इंडस्ट्री बॉडी इंडिया एनर्जी स्टोरेज एलायंस (IESA) इस 11वें संस्करण की मेजबानी कर रही है। इसमें 200 से ज्यादा घरेलू पैसेंजर कार कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) निर्माताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
IESA के मुताबिक, भारत इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों के बाजार में तेजी से अग्रणी बन चुका है और दो पहिया EV सेगमेंट में भी उसने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार की PLI ऑटो, PLI ACC, FAME और PM ई-ड्राइव जैसी योजनाएं EV इकोसिस्टम के विकास में बड़ी भूमिका निभा रही हैं।
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नए स्कीम से चार पहिया EV को मिलेगा बढ़ावा
सरकार की नई EV निर्माण नीति SPMEPCI (Scheme to Promote Manufacturing of Electric Passenger Cars in India) के तहत खासतौर पर चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों (e-4W) को बढ़ावा दिया जा रहा है। IESA का मानना है कि यह नीति भारत को ग्लोबल EV मैन्युफैक्चरिंग लीडर बना सकती है।
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अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भी जुटेगा जमावड़ा
IESW 2025 में अमेरिका, कनाडा, यूके, जर्मनी, फ्रांस, फिनलैंड, इजराइल, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया समेत कई देशों की 1,000 से ज्यादा कंपनियों और 150 से अधिक प्रदर्शकों के शामिल होने की संभावना है।
‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बल
IESA अध्यक्ष देबमाल्या सेन के अनुसार, “SPMEPCI भारत के औद्योगिक परिवर्तन में अहम भूमिका निभाएगा। IESW जैसे आयोजनों से वैश्विक निवेश और अत्याधुनिक तकनीक का मेल होगा, जो भारतीय EV सेक्टर को नई दिशा देगा।”