भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए फरवरी 2026 का महीना शानदार साबित होने जा रहा है। ब्रोकरेज फर्म्स और एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि पैसेंजर व्हीकल (कारें), टू-व्हीलर, कमर्शियल गाड़ियां और ट्रैक्टर हर सेगमेंट में तगड़ी ग्रोथ देखने को मिलेगी। इस जबरदस्त तेजी के पीछे ग्रामीण इलाकों में बढ़ती मांग, कमर्शियल गाड़ियों को बदलने का ट्रेंड और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) की लगातार बढ़ती लोकप्रियता मुख्य कारण हैं। इसके अलावा, सितंबर 2025 में सरकार द्वारा ऑटोमोबाइल पर जीएसटी घटाने का असर अब भी बाजार में साफ नजर आ रहा है। इससे ग्राहकों के लिए गाड़ियां खरीदना ज्यादा आसान हो गया है।
किस सेगमेंट में कितनी ग्रोथ?
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले इस फरवरी में भारी उछाल आने की उम्मीद है:
| वाहन श्रेणी (सेगमेंट) |
अनुमानित ग्रोथ (YoY) |
ग्रोथ का मुख्य कारण |
| टू-व्हीलर (2W) |
33% |
ग्रामीण मांग में सुधार और प्रीमियम मॉडल्स का क्रेज |
| ट्रैक्टर |
29% |
ग्रामीण इलाकों में बेहतर कैश फ्लो |
| कमर्शियल व्हीकल (CV) |
28% |
स्थिर फ्रेट रेट्स और रिप्लेसमेंट डिमांड |
| पैसेंजर व्हीकल (PV) |
12% |
एसयूवी और इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती पसंद |
पैसेंजर व्हीकल्स: टाटा और महिंद्रा की लंबी छलांग
फरवरी में कारों (PV) का कुल वॉल्यूम लगभग 4.22 लाख यूनिट रहने का अनुमान है। गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में 22% की वृद्धि दिखा रही है कि शोरूम्स पर ग्राहकों की भारी भीड़ है।
- टाटा मोटर्स: सबसे ज्यादा 34.5% की छलांग के साथ लगभग 66,000 यूनिट्स बिकने का अनुमान है।
- महिंद्रा: नए लॉन्च के फायदे के साथ 19% की ग्रोथ (करीब 60,000 यूनिट्स)।
- मारुति सुजुकी: एसयूवी की भारी मांग के बावजूद उत्पादन सीमाओं के कारण ग्रोथ 3% (लगभग 1.66 लाख यूनिट्स) तक सीमित रह सकती है।
- ह्यूंदै मोटर इंडिया: एक्सपोर्ट्स के मजबूत सपोर्ट से 9% की ग्रोथ की उम्मीद।
टू-व्हीलर और ईवी का जलवा: हीरो मोटोकॉर्प सबसे आगे
ग्रामीण भारत में लौटी रौनक का सीधा फायदा टू-व्हीलर कंपनियों को मिल रहा है। इस सेगमेंट में 33% के उछाल की उम्मीद है।
- हीरो मोटोकॉर्प: 37% की तगड़ी ग्रोथ के साथ 5.3 लाख यूनिट्स की बिक्री का अनुमान।
- बजाज ऑटो: घरेलू बिक्री और थ्री-व्हीलर एक्सपोर्ट के दम पर 31% की बढ़त।
- टीवीएस मोटर कंपनी: घरेलू वॉल्यूम में सुधार के चलते 26% की ग्रोथ।
- इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की रफ्तार: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट तेजी से मुख्यधारा में आ रहा है। फरवरी तक करीब 1.08 लाख ईवी रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं, जो पिछले साल से 42% अधिक हैं। पूरी इंडस्ट्री में ईवी की हिस्सेदारी अब 6.4% हो गई है। इस रेस में टीवीएस सबसे आगे है, जिसके बाद बजाज ऑटो और एथर एनर्जी का नंबर आता है।
कमर्शियल व्हीकल और ट्रैक्टर
भारी और मध्यम कमर्शियल व्हीकल्स (MHCV) सेगमेंट में 28% ग्रोथ का अनुमान है।
- टाटा मोटर्स (सीवी): 33% वृद्धि
- अशोक लेलैंड: 26% वृद्धि
ट्रैक्टर की बिक्री में भी 29% की बढ़ोतरी का अनुमान है जो किसानों के पास अच्छी नकदी होने का संकेत है। हालांकि एक्सपर्ट्स ने मौसम संबंधी जोखिमों को लेकर थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बाजार की नजर
ऑटो कंपनियां 1 और 2 मार्च को अपने आधिकारिक बिक्री आंकड़े जारी करेंगी। इस बीच निफ्टी ऑटो इंडेक्स का अपने रिकॉर्ड स्तर के करीब होना यह साबित करता है कि निवेशकों का भरोसा इस सेक्टर पर पूरी तरह कायम है।