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भारतीय वाहन उद्योग में दशक की सबसे बड़ी तेजी: कार, बाइक और कमर्शियल व्हीकल की बिक्री में उछाल

Tue, 22 Sep 2026 06:54 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक ताजा शोध के मुताबिक, भारत के ऑटोमोबाइल बाजार में यात्री वाहन, दोपहिया और कमर्शियल वाहनों- तीनों प्रमुख श्रेणियों में एक साथ मांग बढ़ रही है। जानें पूरी डिटेल्स।
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India Auto Sales - फोटो : HMSI
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विस्तार
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वित्तीय शोध फर्म एमके रिसर्च (Emkay Research) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में पैसेंजर व्हीकल (कार), टू-व्हीलर्स (बाइक व स्कूटर) और कमर्शियल व्हीकल (CV) तीनों प्रमुख श्रेणियों में एक साथ चौतरफा तेजी देखी जा रही है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले एक दशक से अधिक समय में पहली बार तीनों प्रमुख वाहन श्रेणियों में एक साथ इतनी मजबूत बढ़ोतरी लगातार कई महीनों से बनी हुई है। एमके का मानना है कि यह केवल त्योहारी सीजन की अस्थायी मांग नहीं है, बल्कि भारतीय ऑटो उद्योग एक मजबूत और दीर्घकालिक ग्रोथ साइकिल में प्रवेश कर चुका है।

 

त्योहारी सीजन की शुरुआत में वाहनों की बिक्री और बुकिंग का क्या रुझान है?

आगामी त्योहारी सीजन ने बाजार की इस रफ्तार को और अधिक मजबूती दी है। रिपोर्ट के अनुसार:
  • गणपति उत्सव पर बंपर बुकिंग: हालांकि ऐतिहासिक रूप से महाराष्ट्र में गणपति उत्सव वाहन खरीद का सबसे बड़ा अवसर नहीं माना जाता। फिर भी इस साल पिछले साल (सितंबर 2025) के कम बेस की वजह से बुकिंग में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
  • स्टैगर्ड फेस्टिव कैलेंडर का फायदा: इस साल अक्तू बर में नवरात्रि व दशहरा और नवंबर में दिवाली का त्योहार आने से अलग-अलग चरणों में फैला त्योहारी कैलेंडर मांग को लंबे समय तक बनाए रखेगा।

 

कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में मजबूती और कीमतों में बढ़ोतरी का क्या असर रहा?

रिपोर्ट के मुताबिक, माल ढुलाई और मजबूत कारोबारी माहौल के दम पर कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट सबसे मजबूत स्थिति में बना हुआ है। मांग इतनी दमदार है कि वाहन निर्माता कंपनियां बिना बिक्री प्रभावित हुए लगातार कीमतें बढ़ा रही हैं:
  • टाटा मोटर्स (Tata Motors CV): अप्रैल में 1.5 प्रतिशत और जुलाई में 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद कंपनी ने अक्तूबर 2026 से 1 प्रतिशत अतिरिक्त मूल्य वृद्धि की घोषणा की है।
  • अशोक लेलैंड (Ashok Leyland): कंपनी ने चालू वित्त वर्ष (FY27) में मीडियम और हैवी कमर्शियल व्हीकल्स में कुल 2.25 प्रतिशत और लाइट कमर्शियल व्हीकल्स (LCV) में 3.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है।

 

पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट और मारुति सुजुकी का प्रदर्शन कैसा है?

पैसेंजर व्हीकल (कार) सेगमेंट में मांग बेहद सेहतमंद बनी हुई है। विशेष रूप से छोटी और एंट्री-लेवल कारों की घटती/कम कीमतों की वजह से इस वर्ग में नए सिरे से खरीदारों की दिलचस्पी जगी है:
  • मारुति सुजुकी (MSIL): मारुति सुजुकी की ऑर्डर बुक में 25 से 30 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
  • मजबूत ग्रोथ की उम्मीद: इस ऑर्डर बुक के दम पर वित्त वर्ष की दूसरी छमाही (2H) में हाई बेस के बावजूद 10 प्रतिशत से अधिक ग्रोथ का भरोसा जताया गया है।
  • वेटिंग पीरियड: मारुति ब्रेजा (Brezza) जैसे अपडेटेड मॉडल्स की भारी मांग है। जबकि मारुति की गाड़ियों पर औसतन वेटिंग पीरियड 2 से 3 सप्ताह का बना हुआ है।

 

टू-व्हीलर सेगमेंट और इलेक्ट्रिक वाहनों में क्या रुझान देखने को मिल रहे हैं?

टू-व्हीलर सेगमेंट में मांग का मुख्य आधार अब ग्रामीण बाजार बन रहे हैं:
  • टीवीएस (TVS): रिकॉर्ड डिलीवरी और मैन्युफैक्चरिंग के बावजूद टीवीएस की गाड़ियों पर वेटिंग पीरियड बना हुआ है।
  • इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स (EV 2W) का दबदबा: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बाजार हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2026 में 6.6 प्रतिशत थी। जो हाल के महीनों में उछलकर 10.5 प्रतिशत से अधिक हो गई है।

 

क्या शोरूमों में इन्वेंट्री का स्तर सुरक्षित है और आगे क्या उम्मीद है?

खुदरा बिक्री में भारी तेजी के बावजूद शोरूमों और डीलरों के पास इन्वेंट्री (स्टॉक) का स्तर काफी संतुलित और आरामदायक स्थिति में है:
  • कमर्शियल व्हीकल इन्वेंट्री: लगभग 30-35 दिन।
  • पैसेंजर व्हीकल इन्वेंट्री: लगभग 30-40 दिन।
एमके रिसर्च का निष्कर्ष है कि इन्वेंट्री का यह नियंत्रित स्तर और मजबूत रिटेल मांग इस बात की पुष्टि करते हैं कि भारतीय ऑटो बाजार की यह रफ्तार चालू वित्त वर्ष (FY27) में भी आगे लगातार बनी रहेगी।
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