अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगाए गए नए टैरिफ का मकसद प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण और सब्सिडी का मुकाबला करना है। क्योंकि वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुझान तेज हो रहा है।
इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष) ने मंगलवार को वैश्विक आर्थिक विकास पूर्वानुमानों के अपडेट को तौर पर कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर ग्लोबल ट्रांजिशन (वैश्विक परिवर्तन) का निवेश, उत्पादन, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और रोजगार पर "दूरगामी" प्रभाव पड़ेगा।
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यह विश्लेषण आईएमएफ के ताजा विश्व आर्थिक परिदृश्य में शामिल किया गया है। जिसे इस सप्ताह आईएमएफ और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों में नीति निर्माताओं की बैठक के दौरान जारी किया गया। जिसमें वैश्विक विकास को बढ़ावा देने, लोन संकट से निपटने और ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन (हरित ऊर्जा परिवर्तन) की फाइनेंस (वित्तपोषण) के प्रयासों पर चर्चा की गई।
दूरगामी नतीजे होंगे
आईएमएफ ने कहा, "इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का बढ़ता ट्रेंड वैश्विक ऑटोमोटिव उद्योग में एक मौलिक परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करती है। इसके दूरगामी नतीजे होंगे।"
हाल के वर्षों में ईवी की ओर कदम बढ़ा है और इसे देशों को जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करने के एक महत्वपूर्ण तरीके के रूप में देखा जाता है।
आईएमएफ ने कहा कि 2022 में, परिवहन अमेरिका में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का 36 प्रतिशत, यूरोपीय संघ में 21 प्रतिशत और चीन में 8 प्रतिशत होगा।
कार्बन उत्सर्जन होगा कम
ईवी को अपनाने में बढ़ोतरी को यूरोपीय संघ के 2021 के स्तर से 2030-2035 की अवधि के लिए कारों से उत्सर्जन को 50 प्रतिशत तक कम करने के लक्ष्य से समर्थन मिला है। जबकि अमेरिकी सरकार ने ईवी और चार्जिंग स्टेशनों के लिए सब्सिडी प्रदान की है।
आईएमएफ ने कहा कि वैश्विक ऑटोमोटिव उद्योग उच्च वेतन, मजबूत मुनाफे, बड़े निर्यात बाजारों और उच्च स्तर की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने के लिए जाना जाता है।
ईवी की ओर तेजी से बढ़ने से यह परिदृश्य फिर से बदल जाएगा। खासकर अगर चीन अमेरिका और यूरोपीय प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले उत्पादन और निर्यात में अपनी मौजूदा बढ़त बनाए रखता है। आईएमएफ ने कहा कि यथार्थवादी ईवी बाजार पैठ परिदृश्यों के तहत, मध्यम अवधि में यूरोप की जीडीपी में लगभग 0.3 प्रतिशत की कमी आएगी।
आईएमएफ ने कहा, "इन परिदृश्यों में, मोटर वाहन क्षेत्र में रोजगार में गिरावट आती है, और श्रम धीरे-धीरे कम पूंजी-गहन क्षेत्रों (प्रति कर्मचारी कम मूल्य वर्धित) में पुनर्वितरित (रीलोकेट) होता है।"
चीनी ईवी पर टैरिफ
अमेरिका और यूरोपीय संघ दोनों ने चीनी निर्माताओं को बीजिंग द्वारा दी जाने वाली अनुचित सब्सिडी का मुकाबला करने के लिए चीनी निर्मित ईवी पर टैरिफ लगाया है।
पिछले महीने, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने चीनी ईवी पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाया था। जबकि इस महीने की शुरुआत में यूरोपीय संघ के सदस्य राज्यों ने चीनी निर्मित ईवी पर 45 प्रतिशत तक के आयात शुल्क का समर्थन किया था।
"खत्म हो ईवी सब्सिडी"
चीनी ईवी निर्माताओं ने अब तक अपने वाहनों की कीमत अपने प्रतिद्वंद्वियों से कम रखी है, जो एक महत्वपूर्ण लाभ है। क्योंकि ईवी वर्तमान में गैसोलीन विकल्पों की तुलना में ज्यादा महंगे हैं और वैश्विक स्तर पर ईवी की मांग कमजोर हो रही है।
फ्रांस सरकार ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि वह ईवी खरीदारों के लिए अपने समर्थन को कम कर देगी, जर्मनी की तरह, जिसने पिछले साल के आखिर में अपनी सब्सिडी योजना को खत्म कर दिया था।