मेयर को भी नहीं पता
पुलिसकर्मी से जब उन्होंने चालान काटने की वजह पूछी तो उसने बताया कि केवल एक साइकिल ले जाने की ही अनुमति है। लेकिन कार में रैक या स्टैंड लगाने के लिए आरटीओ से अनुमति लेनी जरूरी है। बिना अनुमति के लगाने पर 5,000 रुपये तक का चालान लग सकता है। वहीं बेंगलुरु के मेयर और साइक्लिस्ट सत्या शंकरन का कहना है कि उन्हें भी पहली बार पता चला कि कार में रैक लगा कर साइकिलें ले जाने पर जुर्माना लग सकता हैं।
जानमाल को खतरा
सेंट्रल मोटर व्हीकल्स एक्ट 1988 में सेक्शन 52(1) में स्टाई या अस्थाई अटैचमेंट के बारे में स्पष्ट नहीं किया गया है। वहीं सोशल मीडिया पर इसे लेकर हल्ला मचने पर राज्य के एडीजीपी और साइक्लिस्ट भास्कर राव ने कहा कि कार में साइकिल ले जाने पर कोई जुर्माना नहीं है, लेकिन अगर उसे पीछे या ऊपर की तरफ लटकाया हुआ है तो इससे दूसरों की जानमाल को खतरा पैदा हो सकता है।
आरटीओ की अनुमति जरूरी
वहीं ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि बिना आरटीओ की अनुमति के गाड़ी मेंं किसी भी प्रकार का मॉडिफिकेशन कराना कानूनी उल्लंघन है और ऐसा करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है। आमतौर पर लोग कार के दरवाजों पर साइकिल रैक की फिटिंग करवाते हैं और अचानक दरवाजा खुलने या साइकिल के गिरने पर पीछे आ रहे लोगों को चोट लग सकती है और ऐसा पहले बेंगलुरु के एक फ्लाईओवर पर बाइक सवार के साथ हो भी चुका है।