ह्यूंदै मोटर समूह ने ह्यूंदै और किआ वाहनों के लिए दुनिया की पहली CVVD Engine Technology को लॉन्च किया है। यह टेक्नोलॉजी भविष्य में इन दोनों ब्रांड्स की कारों में इस्तेमाल की जाएगी। कंपनी इस टेक्नोलॉजी को सबसे पहले स्मार्टस्ट्रीम G1.6 T-GDi इंजन में शामिल किया है। CVVD Engine Technology ईको-फ्रेंडली होने के साथ-साथ इंजन के प्रदर्शन और माइलेज को बेहतर करता है।
बढ़ेगी माइलेज और परफॉरमेंस
यह टेक्नोलॉजी ड्राइविंग की स्थिति के अनुसार वाल्व के खुलने और बंद होने के समय को कंट्रोल करती है और बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए निर्धारित की जाती है। इस टेक्नोलॉजी की मदद से इंजन की परफॉरमेंस में 4% का होगा इजाफा होगा जबकि माइलेज में भी 5% की बढ़ोतरी होग। इसके अलावा उत्सर्जन में 12% की कमी आएगी।
पावरट्रेन तकनीक को मिलेगी मजबूती
ह्यूंदै मोटर ग्रुप में रिसर्च एंड डेवलपमेंट डिविजन के अध्यक्ष और प्रमुख अल्बर्ट बर्मन ने कहा, सीवीवीडी तकनीक का विकास एक अच्छा उदाहरण है कि कैसे ह्यूंदै मोटर ग्रुप हमारी पावरट्रेन तकनीक को मजबूत कर रहा है। हम प्रतिमान बदलाव को आगे लाने के लिए अपने प्रयासों को जारी रखेंगे और अपने व्यापार मॉडल की स्थिरता सुनिश्चित करेंगे।
ह्यूंदै की नई सोनाटा टर्बो में लगेगा यह इंजन
नई CVVD टेक्नोलॉजी को नए स्मार्टस्ट्रीम G1.6 T-GDi इंजन में शामिल किया है। यह V4 गैसोलीन टर्बो इंजन है, जो 180 हॉर्सपावर और 27.0kgm का टार्क देता है। CVVD टेक्नोलॉजी की मदद से माइलेज बेहतर करने के लिए इसमें लो-प्रेशर एक्जॉस्ट गैस रीक्रिएक्यूलेशन (एलपी ईजीआर) की सुविधा मिलती है। नया स्मार्टस्ट्रीम G1.6 T-GDi इंजन ह्यूंदै की नई सोनाटा टर्बो में लगाया जाएगा, जो इस साल फेक्टिव सीजन में पेश की जाएगी।