फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यात्री सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: उच्चतम न्यायालय ने कहा, खराब एयरबैग के लिए कार निर्माताओं को दंडात्मक नुकसान उठाना चाहिए

Fri, 22 Apr 2022 11:28 AM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यात्री वाहनों में डुअल एयरबैग को अनिवार्य करने के मसौदे के साथ केंद्र सरकार यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट भी कारों में एयरबैग सिस्टम को लेकर कोर्ट काफी सख्त है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यात्री वाहनों में डुअल एयरबैग को अनिवार्य करने के मसौदे के साथ केंद्र सरकार यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट भी कारों में एयरबैग सिस्टम को लेकर काफी सख्त है। खराब एयरबैग जो सड़क दुर्घटनाओं के दौरान नहीं खुलते हैं, वह संबंधित कार निर्माता को दंडात्मक नुकसान पहुंचा सकते हैं।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ह्यूंदै क्रेटा एसयूवी के एक मामले में सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की है। दिल्ली-पानीपत राजमार्ग पर हुई एक दुर्घटना के दौरान ह्यूंदै क्रेटा के एयरबैग खुलने में नाकाम रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एयरबैग सिस्टम देने में कार निर्माता की नाकामी दंडात्मक नुकसान के अधीन होनी चाहिए, जिससे दूसरों में डर पैदा हो सके। 

Airbag in car - फोटो : For Reference Only
ग्राहक को एक्सपर्ट समझना अनुचित
जस्टिस विनीत सरन और अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा, "एक एयरबैग सिस्टम प्रदान करने में विफलता, जो उचित विवेक के कार खरीदार द्वारा समझे गए सुरक्षा मानकों को पूरा करेगी, हमारे विचार में, दंडात्मक नुकसान के अधीन होनी चाहिए जिससे एक डर पैदा हो। और इस तरह के दंडात्मक नुकसान के आकलन में, मैन्युफेक्चरिंग कंपनी की क्षमता भी एक कारक होनी चाहिए।" 

पीठ ने कहा कि नई कार खरीदते समय मालिक यह मान लेगा कि टक्कर होने की स्थिति में एयरबैग अपने आप खुल जाएगा। बेंच ने यह भी कहा कि वेलोसिटी और फोर्स पर आधारित सिद्धांतों पर टकराव के असर की गणना करते हुए मालिक से फिजिक्स के विशेषज्ञ होने की अपेक्षा करना उचित नहीं है। 

Hyundai Creta - फोटो : For Reference Only
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के एक आदेश के खिलाफ ह्यूंदै मोटर इंडिया लिमिटेड द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणियां कीं। एनसीडीआरसी ने राज्य आयोग द्वारा दिए गए मुआवजे को बरकरार रखने वाली अपील को खारिज कर दिया था। 

ह्यूंदै ने एक कार खरीदार द्वारा एसयूवी के ह्यूंदै क्रेटा 1.6 वीटीवीटी एसएक्स मॉडल में दोषपूर्ण एयरबैग के संबंध में की गई शिकायत के बाद अपील की थी।
 

Hyundai Creta - फोटो : PTI (For Refernce Only)
इस मामले में, 21 अगस्त 2015 को खरीदी गई क्रेटा एसयूवी दो फ्रंट एयरबैग के साथ आई थी। 16 नवंबर, 2017 को दिल्ली-पानीपत हाईवे पर एसयूवी का एक्सीडेंट हो गया, जिससे कार को काफी नुकसान हुआ। शिकायतकर्ता को सिर, छाती और दांतों में भी चोटें आईं। उन्होंने दावा किया कि दुर्घटना के समय एयरबैग नहीं खुलने की वजह से उन्हें चोटें आईं। 
विज्ञापन

Hyundai Creta - फोटो : For Refernce Only
राज्य आयोग ने इलाज में हुए खर्च और आय के नुकसान के लिए दो लाख रुपये, मानसिक पीड़ा के लिए 50,000 रुपये और मुकदमेबाजी की लागत के रूप में 50,000 रुपये का मुआवजा दिया। राज्य आयोग ने यह भी कहा कि अपीलकर्ता के वाहन को बदलने में नाकाम रहने पर भी, डिफॉल्ट की तारीख से वाहन की कीमत के सात प्रतिशत प्रति वर्ष का ब्याज आकर्षित करेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें