फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bike Theft: चोरी हुई बाइक पर आया चालान, फोटो में दिखा चोर का चेहरा, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

Wed, 08 Apr 2026 06:17 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हैदराबाद के एक व्यक्ति का स्कूटर चोरी हो गया था और इस संबंध में एक FIR भी दर्ज की गई थी। महीनों बाद, उसे उसी स्कूटर के लिए एक ट्रैफिक चालान मिला।
विज्ञापन
चालान - फोटो : AI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हैदराबाद में एक अजीब मामला सामने आया है। जहां एक व्यक्ति की चोरी हुई स्कूटर पर महीनों बाद ट्रैफिक चालान जारी हुआ, और उसमें चोर का चेहरा साफ दिखाई दिया।

विज्ञापन


क्या है पूरा मामला?
फैसल रहमान नाम के व्यक्ति की स्कूटर चोरी हो गई थी, जिसके बाद एफआईआर भी दर्ज कराई गई।

कई महीनों बाद उन्हें उसी स्कूटर पर ट्रैफिक चालान मिला।

हैरानी की बात यह थी कि चालान के साथ आई तस्वीर में स्कूटर चलाने वाले चोर का चेहरा साफ दिख रहा था।

सोशल मीडिया पर मामला कैसे वायरल हुआ?
फैसल रहमान ने इस घटना को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (एक्स) पर साझा किया।

उन्होंने हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस और हैदराबाद सिटी पुलिस को टैग करते हुए लिखा कि उनकी गाड़ी 3 महीने पहले चोरी हो चुकी है और एफआईआर भी दर्ज है, फिर भी चालान जारी हो गया।

यह पोस्ट कुछ ही घंटों में 18 लाख से ज्यादा बार देखा गया और वायरल हो गया।

क्या लोगों ने मदद की?
पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने मदद की कोशिश की।

एक यूजर ने धुंधली तस्वीर को साफ कर चोर की स्पष्ट फोटो भी साझा की।

पुलिस ने क्या खुलासा किया?
मामले में नया मोड़ तब आया जब हबीबनगर पुलिस थाना के एसएचओ टी. पुरुषोत्तम राव ने बताया कि स्कूटर फैसल की नहीं है।

उनके अनुसार, असली मालिक मोहम्मद शाकिर हैं, जिन्होंने 24 जनवरी को शिकायत दर्ज कराई थी।

पुलिस ने यह भी कहा कि फैसल ने यह पोस्ट केवल व्यूज और लाइक्स के लिए शेयर किया।

क्या पुलिस ने कोई कार्रवाई की?
पुलिस के अनुसार, चालान 1 मार्च का है और अब उस लोकेशन पर जाकर चोर को पकड़ना संभव नहीं है।

हालांकि, ट्रैफिक पुलिस वाहन की तलाश में लगी हुई है और आरोपी की पहचान करने की कोशिश जारी है।

क्या यह अकेला मामला है?
यह घटना अकेली नहीं है। देशभर में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां चोरी की गाड़ी चलाते हुए चोर की फोटो ट्रैफिक कैमरों में कैद होती है। और चालान असली मालिक के पास पहुंच जाता है।

सहारनपुर केस: घर के बाहर खड़ी कार पर चालान
सहारनपुर में राजीव ठाकुर की कार को उत्तराखंड ट्रैफिक पुलिस ने 4,000 रुपये का चालान भेजा। जबकि उनकी गाड़ी होली से ही घर के बाहर खड़ी थी।

उन्हें शक है कि किसी ने उनकी गाड़ी के नंबर की नकली प्लेट दूसरी कार पर लगाई।

उन्होंने पुलिस, आरटीओ और ट्रैफिक अधिकारियों से शिकायत भी की है।

विज्ञापन

भुवनेश्वर केस: जहां चालान से हुई गिरफ्तारी
भुवनेश्वर में एक युवक की स्कूटर चोरी हो गई थी, लेकिन इस मामले में चालान की मदद से आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।

यह उदाहरण दिखाता है कि सही उपयोग होने पर तकनीक अपराधियों तक पहुंचने में मदद कर सकती है।

इस तरह के मामलों से क्या सीख मिलती है?
ये घटनाएं दिखाती हैं कि ट्रैफिक कैमरा सिस्टम जहां एक ओर कानून लागू करने में मददगार है। वहीं दूसरी ओर कुछ मामलों में असली मालिकों के लिए परेशानी भी बन सकता है।

इसलिए ऐसे मामलों में समय पर शिकायत और सही जांच बेहद जरूरी है। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें