: अब अगर आपकी गाड़ी पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं लगी है, तो आप प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं बनवा पाएंगे। परिवहन विभाग ने इस नियम को सख्ती से लागू कर दिया है और इसके लिए पीयूसी सिस्टम में भी तकनीकी बदलाव कर दिए गए हैं।
किन वाहनों पर लागू होगा नियम?
यह नियम खासतौर पर उन वाहनों के लिए है जो एक अप्रैल 2019 से पहले खरीद गए हैं। जिनमें अभी तक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं लगी है। सरकारी आंकड़ो के अनुसार, ऐसे वाहनों की संख्या दो करोड़ से अधिक हो चुकी है। वहीं, एक अप्रैल 2019 के बाद खरीदे गए नए वाहनों में एचएसआरपी पहले से ही अनिवार्य होती है, इसलिए उन पर इस नियम का असर नहीं पड़ेगा।
अब PUC बनवाना क्यों मुश्किल होगा?
परिवहन विभाग ने पीयूसी यानी की पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल पोर्टल में बदलाव कर दिया है। बिना एचएसआरपी वाले वाहन का डाटा सिस्टम स्वीकार नहीं करेगा। यानी सीधे पीयूसी सर्टिफिकेट रिजेक्ट हो सकता है। स्पष्ट शब्दों में कहें तो नो एसएसआरपी, नो पीयूसी।
चुकाना पड़ सकता है भारी जुर्माना
अगर किसी ने एचएसआरपी नहीं लगवाई है, तो उन्हें भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। बिना एचएसआरपी के गाड़ी चलाने पर दस हजार रुपये तक का जुर्माना और बिना पीयूसी के अलग से चालान कटेगा, यानी की डबल नुकसान।
पहले ही दी जा चुकी है चेतावनी
परिवहन विभाग ने पिछले कुछ महीनों में कई बार वाहन मालिकों को एचएसआरपी लगवाने के लिए चेताया था, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब सरकार ने सख्ती दिखाते हुए नियम को लागू कर दिया है, ताकि वाहन सुरक्षा बढ़ सके। फर्जी नंबर प्लेट पर रोक लग सके और प्रदूषण नियंत्रण बेहतर हो।
किन वाहनों को मिलेगी छूट?
इस नियम में कुछ वाहन मालिकों को फिलहाल राहत मिल सकती है। जिन वाहनों के लिए HSRP अभी उपलब्ध नहीं है, उन्हें अस्थायी छूट दी गई है। लेकिन ध्यान रखें कि जैसे ही प्लेट उपलब्ध होगी, उन्हें भी HSRP लगवाना अनिवार्य हो जाएगा।
क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
एचएसआरपी सिर्फ एक नंबर प्लेट नहीं, बल्कि सुरक्षा का हिस्सा माना जाता है। इसमें यूनिक कोड और लेजर ब्रांडिंग होती है। फर्जी नंबर प्लेट की संभावना कम होती है, साथ ही ट्रैकिंग और सुरक्षा भी बेहतर होती है।