तेल भरवाते समय इन बातों का रखें ध्यान
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कुछ आसान तकनीकों को लागू करके धोखाधड़ी से खुद को बचाना और यह सुनिश्चित करना संभव है, कि आपको उचित मात्रा में ईंधन मिल रहा है। यहां बताई गई अहम टिप्स की बदौलत आप इस आश्वासन के साथ गाड़ी चला सकते हैं कि आपको पंप पर एक ईमानदार सौदा मिल रहा है। जो आपको जागरूक और शिक्षित रखने में मदद करेगा।
पेट्रोल पंपों पर ठगी से बचने के उपाय
ईंधन भरवाने से पहले मीटर को जीरो पर सेट रहे
यह साफ है कि ईंधन भरवाने से पहले ईंधन डिस्पेंसर के मीटर को जीरो पर सेट करना सुनिश्चित करें। अगर ईंधन डिस्पेंसर शून्य पर सेट नहीं है, तो पंप अटेंडेंट से वाहन में ईंधन डालने से पहले इसे रीसेट करने के लिए कहें। अक्सर धोखेबाज मीटर को शून्य पर सेट करने का नाटक करते हैं लेकिन वास्तव में वे ज्यादा मात्रा से ईंधन भरना शुरू कर देते हैं। इससे कम ईंधन मिलता है, जबकि ज्यादा पैसे लिए जाते हैं।
ऑड राशि का ईंधन खरीदें
धोखेबाज ग्राहक को धोखा देने के लिए कई तरह की कम ईंधन भरने की तरकीबें अपनाते हैं। उनमें से एक विशिष्ट राशि के लिए कम ईंधन की मात्रा निर्धारित करना है। आमतौर पर कई ग्राहक, विशेषकर दोपहिया वाहन मालिक, 100 रुपये या उसके गुणा में ईंधन खरीदते हैं। कई पेट्रोल पंपों पर, अटेंडेंट इन राशियों पर एक निश्चित ईंधन मात्रा निर्धारित करते हैं। जो वास्तविक मात्रा से कम होती है। इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए, 525 रुपये या 1,155 रुपये जैसे विषम (ऑड) राशि का ईंधन खरीदें। ऐसा करने से धोखेबाजों के लिए ग्राहक को धोखा देना मुश्किल हो जाता है।
प्रतिष्ठित पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाएं
प्रतिष्ठित पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाना हमेशा अन्य पंपों से ईंधन भरवाने की तुलना में बढ़िया होता है। जिन प्रतिष्ठित पेट्रोल पंपों को आप जानते और भरोसा करते हैं, उनके पास हमेशा अच्छी तरह से प्रबंधित अटेंडेंट होते हैं। जिससे अन्य पंपों के अटेंडेंट की तुलना में स्थितियों से निपटना आसान हो जाता है।
मात्रा जांच करें
मात्रा जांच एक ऐसा कदम है जो ग्राहक कर सकता है। यदि उसे लगता है कि पेट्रोल पंप द्वारा दिया गया पेट्रोल या डीजल की मात्रा में गड़बड़ी है। इस तरह के संदेह के मामले में, आपको अटेंडेंट से मात्रा जांच के लिए कहना चाहिए। इस मामले में, अटेंडेंट एक कैलिब्रेटेड ईंधन कंटेनर को ईंधन की एक विशिष्ट मात्रा से भरता है। यदि कंटेनर तय निशान तक नहीं भरता है, तो पंप उपभोक्ता के साथ धोखा कर रहा है।
अपने ईंधन की जांच करें
अक्सर कई पेट्रोल पंप अटेंडेंट वाहनों को हाई-ऑक्टेन ईंधन से भर देते हैं, जिसे आमतौर पर पावर पेट्रोल के रूप में जाना जाता है। वे अक्सर बिना वाहन मालिक से पूछे ऐसा करते हैं। साधारण कारों में, उच्च-ऑक्टेन ईंधन का कोई मतलब नहीं होता है। हाई ऑक्टेन पेट्रोल कार को नकारात्मक रूप से प्रभावित नहीं करता है लेकिन कोई फायदा भी नहीं देता है। हालांकि, इसकी वजह से उपभोक्ता को नियमित पेट्रोल की तुलना में ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं। इसलिए, हमेशा जांच लें कि अटेंडेंट वाहन में कौन सा ईंधन डाल रहा है।
अटेंडेंट की हरकतों पर नजर रखें
फ्यूल अटेंडेंट की हरकतों पर नजर रखें। उन्हें पंप से छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए या उचित अनुमति के बिना मीटर को एडजस्ट नहीं करना चाहिए। अगर आपको कोई संदिग्ध व्यवहार नजर आता है या सवाल पूछने पर अटेंडेंट टालमटोल करता है, तो यह एक खतरे की घंटी हो सकती है।
अपनी रसीद संभाल कर रखें
लेन-देन के बाद हमेशा अपनी रसीद मांगें और संभाल कर रखें। यह खरीदे गए ईंधन की मात्रा और कुल लागत का रिकॉर्ड रखने का काम करता है। विसंगतियों या मुद्दों के मामले में, रसीद रखने से विवाद या शिकायत के लिए सबूत मिलते हैं।
संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करें
अगर आपको धोखाधड़ी की गतिविधियों पर संदेह है या अनियमितताएं दिखती हैं। तो उन्हें स्टेशन प्रबंधन और स्थानीय उपभोक्ता संरक्षण एजेंसियों को रिपोर्ट करें। आप जो भी सबूत दे सकते हैं, उसका दस्तावेजीकरण करें और सुनिश्चित करें कि उचित अधिकारियों को सूचित किया जाए।
आम घोटालों के बारे में खुद को शिक्षित करें
आम पेट्रोल पंप घोटालों और रणनीतियों से खुद को परिचित करें। यह जानना कि किन बातों पर ध्यान देना है, आपको संभावित घोटालों को ज्यादा प्रभावी ढंग से पहचानने और उनसे बचने में मदद कर सकता है। जानकारी रखने से आप बेहतर निर्णय लेने और खुद को सुरक्षित रखने में सक्षम होते हैं।