फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pollution: रेड लाइट पर इंजन चालू रखना सिर्फ प्रदूषण ही नहीं, आपकी जेब पर भी डालता है बोझ!

Sun, 16 Feb 2025 07:46 PM IST
नीतीश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक कार ट्रैफिक सिग्नल पर औसतन 15-20 मिनट खड़ी रहती है। इस दौरान कार 200 ML पेट्रोल जला देती है। अगर सिग्नल पर इंजन बंद रखा जाए तो हर महीने 7000 रुपये का फ्यूल बच सकता है।
विज्ञापन
Traffic Signal - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बढ़ते वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सरकार और पर्यावरण विशेषज्ञ लगातार नए उपाय सुझा रहे हैं, लेकिन आम नागरिकों की आदतें इस दिशा में बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। ट्रैफिक सिग्नल पर अक्सर लोग अपनी कार या बाइक का इंजन बंद नहीं करते, जिससे न सिर्फ वायु प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि ईंधन की खपत भी अधिक होती है। ऐसे में, यह जानना जरूरी है कि रेड लाइट पर इंजन चालू रखने से क्या नुकसान होते हैं और एक आम नागरिक इस समस्या के समाधान के लिए क्या कर सकता है।
विज्ञापन


रेड लाइट में इतना तेल फूंक देती है गाड़ी
दिल्ली के पूर्व मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल ने साल 2020 में एक बयान में कहा था कि एक कार के इंजन को रेड लाइट पर केवल 10 सकेंड बंद रख कर प्रदूषण को काफी मात्रा में कम किया जा सकता है। एक कार ट्रैफिक सिग्नल पर औसतन 15-20 मिनट खड़ी रहती है। इस दौरान कार 200 ML पेट्रोल जला देती है। अगर सिग्नल पर इंजन बंद रखा जाए तो हर महीने 7000 रुपये का फ्यूल बच सकता है।

रेड लाइट पर इंजन चालू रखने से होने वाले नुकसान
वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी
पेट्रोल और डीजल इंजन से निकलने वाले धुएं में कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) और हानिकारक हाइड्रोकार्बन होते हैं। लंबे समय तक इंजन चालू रखने से यह जहरीली गैसें वातावरण में फैलती हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता खराब होती है।
विज्ञापन


ईंधन की बर्बादी
ट्रैफिक सिग्नल पर 2 मिनट तक इंजन चालू रखने से आपकी गाड़ी 10-15 मिलीलीटर तक ईंधन खर्च कर देती है। अगर हर गाड़ी का मालिक इस आदत को बदले तो देशभर में करोड़ों लीटर ईंधन बचाया जा सकता है।

इंजन पर अतिरिक्त दबाव
बेवजह इंजन चालू रखने से इंजन के अंदर अतिरिक्त गर्मी उत्पन्न होती है, जिससे इसके कंपोनेंट्स पर दबाव बढ़ता है। इससे इंजन की परफॉर्मेंस धीरे-धीरे कम होने लगती है और गाड़ी की उम्र घट सकती है।

आर्थिक नुकसान
बार-बार अतिरिक्त ईंधन जलने से वाहन मालिकों को हर महीने पेट्रोल-डीजल पर ज्यादा खर्च करना पड़ता है। इसके अलावा, इंजन के जल्दी खराब होने से मेंटेनेंस कॉस्ट भी बढ़ जाती है।

आम नागरिक क्या कर सकते हैं?
रेड लाइट पर इंजन बंद करें: अगर ट्रैफिक सिग्नल 30 सेकंड या उससे ज्यादा का हो, तो इंजन बंद कर देना सबसे अच्छा उपाय है। इससे न सिर्फ ईंधन बचेगा बल्कि प्रदूषण भी कम होगा।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक इस्तेमाल करें: जब संभव हो, तो बस, मेट्रो या साइकिल का उपयोग करें। इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी और प्रदूषण घटेगा।

कार पूलिंग को अपनाएं: अगर आप रोज ऑफिस जाते हैं, तो सहकर्मियों के साथ कार पूल करें। इससे ट्रैफिक भी कम होगा और हर व्यक्ति के वाहन से होने वाला प्रदूषण भी घटेगा।

इलेक्ट्रिक वाहन अपनाएं: पेट्रोल-डीजल गाड़ियों की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) से कोई हानिकारक धुआं नहीं निकलता। सरकार भी EVs पर सब्सिडी दे रही है, जिससे इन्हें खरीदना पहले की तुलना में किफायती हो गया है।

गाड़ी की नियमित सर्विस कराएं: इंजन की सर्विसिंग सही समय पर कराने से उसका ईंधन खपत कम होता है और प्रदूषण भी नियंत्रित रहता है। टायर प्रेशर सही रखने से भी गाड़ी की माइलेज बढ़ती है और फ्यूल की बचत होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें