ड्यूटी छूट से EV बैटरी की लागत घटेगी और स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
लिथियम-आयन सेल निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर ड्यूटी छूट बढ़ाने के सरकार के फैसले से भारत में बैटरी बनाने की लागत कम होगी। इससे बैटरी निर्माताओं को सेल आयात करने के बजाय देश में ही फैक्ट्रियां लगाने और उनका विस्तार करने में मदद मिलेगी।
समय के साथ इससे इलेक्ट्रिक कारों, दोपहिया वाहनों और बसों की लागत घट सकती है, बैटरियों की उपलब्धता बेहतर होगी और आयात पर निर्भरता कम होगी। उपभोक्ताओं के लिए इसका मतलब है ज्यादा किफायती ईवी, बेहतर सर्विस सपोर्ट और स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने के साथ बैटरियों पर लंबी वारंटी मिलने की संभावना।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस एलान से खासकर एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक कार खरीदने वाले मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिल सकती है।