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Car Accessories Guide: नई कार की एसेसरी कहीं नकली तो नहीं? इन आसान स्टेप्स से पहचानें असली और लोकल का फर्क

Fri, 24 Jul 2026 08:26 AM IST
जागृति शुक्ला ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Car Accessories: नई कार के साथ मिलने वाली एसेसरी सच में ओरिजिनल है या नहीं? यह बात अक्सर लोगों के मन में आती है। अगर आप भी इसे लेकर कंफ्यूज रहते हैं, तो यहां कुछ आसान बातों की जांच करके आप नकली और असली Car Accessories की पहचान कर सकते हैं। जानिए किन चीजों पर सबसे पहले ध्यान देना चाहिए।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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Original Car Accessorie: नई कार खरीदते समय ज्यादातर लोग इंजन, माइलेज, फीचर्स और सेफ्टी पर पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन एक जरूरी चीज अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं कार के साथ मिलने वाली एसेसरीज। कई मामलों में ग्राहकों को ओरिजिनल के नाम पर आफ्टरमार्केट या लोकल एसेसरीज पकड़ा दी जाती हैं, जिनकी क्वालिटी और सुरक्षा दोनों सवालों के घेरे में हो सकती हैं। ऐसे में कुछ आसान जांच करके आप यह पता लगा सकते हैं कि आपकी कार में लगी एसेसरीज असली हैं या नहीं।
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पैकेजिंग, लोगो और QR कोड पर दें ध्यान
ओरिजिनल एसेसरीज की सबसे पहली पहचान उनकी पैकिंग से हो सकती है।
  • साफ ब्रांडिंग और प्रिंटिंग: कंपनी की असली पैकेजिंग पर ब्रांड का लोगो, पार्ट नंबर, मैन्युफैक्चरिंग डेट और डिटेल बिल्कुल साफ अक्षरों में प्रिंट होती है। यदि प्रिंटिंग धुंधली हो, स्पेलिंग में गलती दिखे या पैकेजिंग कटी-फटी हो, तो सतर्क हो जाएं।
  • QR कोड या बारकोड स्कैन: ओरिजिनल पार्ट्स के बॉक्स पर बारकोड या QR कोड मौजूद होता है। अपने स्मार्टफोन से इसे स्कैन करके आप प्रोडक्ट की प्रामाणिक जानकारी तुरंत पा सकते हैं।

पार्ट नंबर और पक्का GST बिल जरूर मिलाएं
केवल वादों पर भरोसा न करें, इसके लिए कागजी सबूत बेहद जरूरी हैं।
  • GST इनवॉइस की मांग करें: एसेसरी का अलग से पक्का बिल (GST Invoice) लें। बिल पर हर एसेसरी का नाम और उसका स्पेसिफिक पार्ट नंबर स्पष्ट लिखा होना चाहिए।
  • वेबसाइट या कैटलॉग से मिलान: बिल पर लिखे पार्ट नंबर को कार निर्माता कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, ऑफिशियल कैटलॉग या सर्विस सेंटर से क्रॉस-चेक करें।
  • कंपनी वारंटी की पुष्टि: यह जरूर पूछें कि उस एसेसरी पर कंपनी की ओरिजिनल वारंटी मिल रही है या नहीं, क्योंकि असली एसेसरी पर वारंटी कवर मिलता है।
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फिटिंग और फिनिशिंग क्वालिटी का निरीक्षण
अक्सर लोकल और असली एसेसरीज के मटेरियल और फिटमेंट में साफ फर्क दिखता है।
  • परफेक्ट फिटमेंट: कंपनी की ओरिजिनल एसेसरी कार के मॉडल के हिसाब से एकदम सटीक बैठती है और उसमें कहीं भी ढीलापन या गैप नजर नहीं आता।
  • बिल्ड क्वालिटी का फर्क: नकली या थर्ड-पार्टी एसेसरीज़ में घटिया प्लास्टिक, हल्का वजन, रंग में असमानता या फिनिशिंग में खामियां साफ दिखाई देती हैं।

वारंटी कार्ड सुरक्षित रखें
इसके बाद भविष्य के क्लेम और सुरक्षा के लिहाज से दस्तावेज बेहद काम आते हैं।
  • वारंटी कार्ड और गाइड बुक: एसेसरीज का वारंटी कार्ड और उसकी इंस्टॉलेशन गाइड मांगकर संभालकर रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर क्लेम किया जा सके या सही इस्तेमाल समझ आए।
  • लिखित कन्फर्मेशन: अगर डीलरशिप किसी एसेसरी को ओरिजिनल बता रही है, तो उनसे इस बात का लिखित प्रमाण लें। कोई शंका होने पर अधिकृत सर्विस सेंटर से उसकी जांच कराएं।

अधिकृत डीलरशिप और प्रामाणिकता की जांच
  • ऑथराइज्ड डीलर से खरीदारी: एसेसरी हमेशा ऑथराइज्ड डीलरशिप से ही खरीदें और कोई भी कागज अधूरा न छोड़ें।
  • सर्टिफिकेट व डॉक्युमेंट्स संभालें: एसेसरी के साथ मिलने वाले किसी भी प्रकार के ऑथेंटिसिटी सर्टिफिकेट या कंपनी डॉक्युमेंट्स को सुरक्षित फाइल में रखें।
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