इस फैसले के पीछे क्या कारण हैं?
होंडा के अनुसार, यह निर्णय वैश्विक और दक्षिण कोरिया के ऑटो बाजार में हो रहे बदलावों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
साथ ही, कंपनी अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग और लंबी अवधि की प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
दक्षिण कोरिया में होंडा का सफर कैसा रहा?
होंडा ने 2001 में दक्षिण कोरिया में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी और शुरुआती वर्षों में Honda Accord (होंडा अकॉर्ड) और Honda CR-V (होंडा सीआर-वी) जैसे मॉडल्स बेचे।
2008 में यह देश में 10,000 यूनिट्स की सालाना बिक्री पार करने वाला पहला इम्पोर्टेड कार ब्रांड बना था।
हाल के वर्षों में क्या चुनौतियां सामने आईं?
पिछले कुछ वर्षों में कंपनी को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा है। खासकर इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं जैसे BYD (बीवाईडी) और Tesla (टेस्ला) से।
इसी वजह से कंपनी की बिक्री में गिरावट आई और पिछले साल यह करीब 22 प्रतिशत कम हो गई।
आगे कंपनी की रणनीति क्या होगी?
होंडा ने कहा है कि वह दक्षिण कोरिया में अपने मोटरसाइकिल कारोबार पर ध्यान केंद्रित करती रहेगी।
साथ ही, कंपनी वैश्विक स्तर पर अपने ऑपरेशंस को पुनर्गठित कर रही है। जिसमें बदलते बाजार और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखा जा रहा है।