अगर आप नई कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं और होंडा एलिवेट और ह्यूंदै क्रेटा के बीच कंफ्यूज हैं, तो पहले दोनों के बीच प्रमुख अंतर समझना जरूरी हो सकता है। होंडा एलिवेट फेसलिफ्ट में कंपनी ने डिजाइन और फीचर्स से जुड़े कई बदलाव किए हैं। इसमें आगे और पीछे की सीटों के लिए वेंटिलेशन जैसी सुविधा दी गई है, जबकि क्रेटा में पैनोरमिक सनरूफ, डीजल और टर्बो-पेट्रोल इंजन के विकल्प मिलते हैं। दोनों एसयूवी की कीमत, इंजन, गियरबॉक्स और सेफ्टी फीचर्स में क्या अंतर है? आइए, समझते हैं।
| स्पेसिफिकेशन | होंडा एलिवेट | ह्यूंदै क्रेटा |
|---|---|---|
| लंबाई | 4,312 मिमी | 4,330 मिमी |
| चौड़ाई | 1,790 मिमी | 1,790 मिमी |
| ऊंचाई | 1,650 मिमी | 1,635 मिमी |
| व्हीलबेस | 2,650 मिमी | 2,610 मिमी |
| अलॉय व्हील्स | 17 इंच | 18 इंच |
लंबाई के मामले में क्रेटा 18 मिमी आगे है, जबकि एलिवेट की ऊंचाई 15 मिमी ज्यादा है। सबसे अहम अंतर इसके व्हीलबेस में देखने को मिलता है। एलिवेट का व्हीलबेस 2,650 मिमी है, जो क्रेटा के 2,610 मिमी से 40 मिमी ज्यादा है। व्हीलबेस का मतलब आगे और पीछे के पहियों के बीच की दूरी है। यह केबिन में जगह और बैठने के अनुभव को प्रभावित कर सकता है।
इंजन और पावर में किसका पलड़ा भारी?
इंजन के मामले में दोनों एसयूवी में अंतर देखना को मिल जाता है। होंडा एलिवेट में केवल 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन मिलता है, जबकि क्रेटा में पेट्रोल, डीजल और टर्बो-पेट्रोल के विकल्प दिए गए हैं।
| इंजन स्पेसिफिकेशन | होंडा एलिवेट | ह्यूंदै क्रेटा |
|---|---|---|
| नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल | 1.5 लीटर, 119 hp, 145 Nm | 1.5 लीटर, 113 hp, 144 Nm |
| डीजल | उपलब्ध नहीं | 1.5 लीटर, 114 hp, 250 Nm |
| टर्बो-पेट्रोल | उपलब्ध नहीं | 1.5 लीटर, 157.8 hp, 253 Nm |
एलिवेट का पेट्रोल इंजन क्रेटा के नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन से ज्यादा पावर देता है। एलिवेट की पावर 119 hp है, जबकि क्रेटा के इस इंजन की पावर 113 hp है। टॉर्क में भी एलिवेट मामूली बढ़त रखती है।
दूसरी ओर, क्रेटा उन लोगों के लिए ज्यादा विकल्प देती है, जिन्हें डीजल या ज्यादा पावर वाला टर्बो-पेट्रोल इंजन चाहिए। इसके डीजल इंजन का टॉर्क 250 Nm है और कंपनी का दावा किया गया माइलेज 21.8 किमी प्रति लीटर है। क्रेटा का टर्बो-पेट्रोल इंजन 157.8 hp की पावर और 253 Nm का टॉर्क देता है। दोनों एसयूवी में फैक्ट्री-फिटेड CNG विकल्प नहीं मिलता।
गियरबॉक्स में क्या अंतर है?
होंडा एलिवेट में आपको छह-स्पीड मैनुअल और सीवीटी गियरबॉक्स के विकल्प मिल सकते हैं। सीवीटी एक तरह का ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन है, जो गियर बदलने के पारंपरिक झटकों को कम रखते हुए ड्राइविंग को सहज बनाने के लिए इस्तेमाल होता है।
ह्यूंदै क्रेटा में छह-स्पीड मैनुअल और CVT के अलावा 6-स्पीड टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक और सात-स्पीड DCT गियरबॉक्स भी उपलब्ध हैं। DCT यानी डुअल-क्लच ट्रांसमिशन में दो क्लच का इस्तेमाल होता है, जिससे गियर बदलने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। इसलिए अगर आप ज्यादा ट्रांसमिशन विकल्प चाहते हैं, तो क्रेटा की रेंज में चुनाव के लिए ज्यादा विकल्प मिलते हैं। हालांकि, उपलब्ध इंजन और गियरबॉक्स का मेल वेरिएंट के अनुसार अलग होता है।
फीचर्स में एलिवेट कहां आगे, क्रेटा कहां?
फीचर्स की बात करें तो, फेसलिफ्ट के बाद एलिवेट में पहले की तुलना में फीचर्स का अंतर कम हुआ है। इसमें आगे और पीछे की सीटों के लिए वेंटिलेशन और वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले जैसे फीचर्स दिए गए हैं।
क्रेटा में पैनोरमिक सनरूफ मिलता है, जबकि एलिवेट में सिंगल-पेन सनरूफ है। सिंगल-पेन सनरूफ में छत का अपेक्षाकृत छोटा हिस्सा खुलता है, जबकि पैनोरमिक सनरूफ ज्यादा बड़े हिस्से में कांच देता है।
दोनों SUV के प्रमुख फीचर्स में ये अंतर हैं:
ADAS में कौन-सी SUV क्या देती है?
किसे कौन सी कार चुननी चाहिए?
होंडा एलिवेट चुनें अगर: आपको एक बेहतरीन और दमदार नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन, वेंटिलेटेड रियर सीट्स और ज्यादा लेगरूम (लंबे व्हीलबेस के साथ) की जरूरत है।