होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (Honda Motorcycle & Scooter India) (HMSI) ने बुधवार को एलान किया की है कि वह वित्त वर्ष 2024 में स्वैपेबल बैटरी के साथ भारत में दो अलग-अलग इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन लॉन्च करेगी। जापान की दिग्गज दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी ने यह भी कहा कि वह भारतीय बाजार में मिड-रेंज इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स लॉन्च करेगी। हालांकि, कंपनी ने यह खुलासा नहीं किया कि उसके ये आनेवाले इलेक्ट्रिक वाहन स्कूटर होंगे या मोटरसाइकिल।
होंडा ने यह भी खुलासा नहीं किया है कि आने वाले दो इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन कौन से होंगे। उनमें से एक अत्यधिक लोकप्रिय एक्टिवा रेंज पर आधारित एक ऑल-इलेक्ट्रिक स्कूटर हो सकता है। जबकि दूसरा Honda EM1e हो सकता है, जिसे EICMA में प्रदर्शित किया गया था और यह एक बार फुल चार्ज करने पर 40 किमी तक की रेंज देता है। Honda EM1e में स्वैपेबल बैटरी है।
ब्रांड की ईवी रणनीति के बारे में बात करते हुए, एचएमएसआई के एमडी, प्रेसिडेंट और सीईओ अत्सुशी ओगाटा ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य 2040 तक ब्रांड की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) और फ्यूल सेल व्हीकल्स (एफसीवी) का 100 प्रतिशत योगदान देना है। उन्होंने कहा, "साल 2040 तक इलेक्ट्रिक वाहनों और फ्यूल सेल व्हीकल्स की इकाई बिक्री अनुपात को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए होंडा की वैश्विक दिशा के अनुरूप, हम फ्लेक्स ईंधन इंजन की शुरुआत के साथ आईसीई इंजनों की दक्षता में सुधार करना जारी रखेंगे और मॉडल और इकोसिस्टम के विद्युतीकरण का विस्तार के साथ ही वैकल्पिक ईंधन के लिए सरकार के निर्देशों का पालन करेंगे।"
HMSI (एचएमएसआई) के मुताबिक उसका लक्ष्य साल 2030 तक 10 लाख वार्षिक ईवी उत्पादन मील के पत्थर तक पहुंचने का है। कंपनी ने कहा है कि वह कर्नाटक में नरसापुरा प्लांट में भारतीय बाजार के लिए दो इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्माण करेगा। साथ ही, भारतीय बाजार के अलावा, ऑटो कंपनी इन ईवी को वैश्विक बाजारों में निर्यात करने की योजना बना रही है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को लॉन्च करने के अलावा, एचएमएसआई का लक्ष्य देश भर में 6,000 टचप्वाइंट लॉन्च करना है, जो ईवी मालिकों को बैटरी चार्ज करने में मदद करेगा।
होंडा का दावा है कि वह अपने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए एक डेडिकेटेड प्लेटफॉर्म पर काम कर रही है। इसका नाम प्लेटफॉर्म ई है और यह आर्किटेक्चर फिक्स्ड और स्वैपेबल बैटरी टेक्नोलॉजी दोनों के साथ कई तरह के इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को बनाने में सक्षम होगा। इसके अलावा, वाहन निर्माता ने दावा किया है कि नरसापुरा प्लांट एक डेडिकेटेड ईवी मैन्युफेक्चरिंग प्लांट होगा।