फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Car: Honda और Nissan मिलकर बनाएंगे कारों का नया सॉफ्टवेयर, चीन को टक्कर देने की तैयारी

Mon, 21 Jul 2025 02:26 PM IST
नीतीश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जापान की दो बड़ी कार कंपनियां Honda और Nissan अब साथ मिलकर कारों के लिए नया सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म तैयार करेंगी। इसका मकसद भविष्य की स्मार्ट कारों में बेहतर तकनीक देना और तेजी से आगे बढ़ते चीन की EV कंपनियों को टक्कर देना है।
विज्ञापन
होंडा-निसान - फोटो : AI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जापान की दो मशहूर कार कंपनियां Honda और Nissan अब साथ मिलकर कारों के लिए नया सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म तैयार करेंगी। इससे पहले दोनों कंपनियों के बीच मर्जर यानी एक हो जाने की बातचीत चल रही थी, लेकिन अब उन्होंने अलग तरीके से साथ काम करने का फैसला लिया है।
विज्ञापन


दोनों कंपनियां मिलकर ऐसा सॉफ्टवेयर बनाएंगी जो आने वाले समय की कारों के लिए बेहद जरूरी होगा। आज की कारें सिर्फ मशीन नहीं हैं, बल्कि एक चलती-फिरती डिजिटल मशीन बन चुकी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा कदम उठाया गया है।

यह भी पढ़ें: 10 लाख से कम के बजट में मिलने वाली धांसू सीएनजी कारें, मिलेगा 34.43 Km/Kg का माइलेज
विज्ञापन


क्या होगा इस साझेदारी में खास?
Honda और Nissan अगस्त 2024 से मिलकर नई तकनीक पर रिसर्च कर रहे हैं। अब वे मिलकर ऐसा सॉफ्टवेयर बनाएंगे जो सिर्फ म्यूजिक सिस्टम या स्क्रीन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी कार को कंट्रोल करेगा। इसमें मोटर, सेमीकंडक्टर और डेटा से जुड़ी कई तकनीकें शामिल होंगी। इससे दोनों कंपनियों को यूजर डेटा पर अधिकार मिलेगा, जिससे वे भविष्य में नई सर्विस शुरू कर सकती हैं, जैसे कि कार के सॉफ्टवेयर अपडेट के लिए पैसे लेना।

चीन से मुकाबला जरूरी
Honda और Nissan का यह कदम इसलिए भी जरूरी है क्योंकि चीन की कार कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। आज कई चीनी इलेक्ट्रिक कारों में ऐसे सॉफ्टवेयर दिए जा रहे हैं जो दुनिया की महंगी कारों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। ऐसे में जापानी कंपनियों के लिए डिजिटल दौड़ में शामिल होना जरूरी हो गया है।

यह भी पढ़ें: डीजल गाड़ियों को चलाने से पहले क्यों डाला जाता है ये लिक्विड? जानिए क्या है इसका काम
विज्ञापन


कितना खर्च और क्या फायदा?
इस प्रोजेक्ट पर करीब 10 अरब डॉलर (80,000 करोड़ रुपये से ज्यादा) खर्च हो सकता है। लेकिन इसका फायदा लंबे समय में मिलेगा क्योंकि आने वाले वक्त में कार कंपनियां सिर्फ कार बेचकर नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर सर्विस से भी कमाई करेंगी।

आगे की योजना क्या है?
फिलहाल दोनों कंपनियां अपने-अपने सिस्टम्स पर काम करेंगी, लेकिन भविष्य में एक कॉमन सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। इसमें दोनों कंपनियां अपनी जरूरत के हिसाब से बदलाव कर सकेंगी, जैसे मोबाइल कंपनियां एंड्रॉयड सिस्टम को अपने हिसाब से डिजाइन करती हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें