सीके बिड़ला के स्वामित्व वाली Hindustan Motors Ltd (हिंदुस्तान मोटर्स लिमिटेड) और उसके यूरोपीय साझेदार ने प्रस्तावित इलेक्ट्रिक दोपहिया परियोजना के लिए जरूरी काम पूरा कर लिए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
इस ज्वाइंट वेंचर के जरिए अगले वित्तीय वर्ष में पश्चिम बंगाल में हिंदुस्तान मोटर्स के उत्तरपारा प्लांट में इलेक्ट्रिक वाहनों को लॉन्च करने की संभावना है।
इस भारतीय कंपनी के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, "हिंदुस्तान मोटर्स और यूरोपीय कंपनी के बीच जरूरी काम अब पूरा हो गया है। विदेशी पार्टनर के नाम की घोषणा जल्द ही की जाएगी।"
ईवी परियोजना के लिए संयुक्त निवेश शुरू में लगभग 600 करोड़ रुपये का होगा। जिसके बाद दोनों कंपनियां इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर स्पेस में एंट्री करने की संभावना तलाशेंगी।
उन्होंने कहा कि जॉइन्ट वेंचर के गठन के बाद पायलट रन शुरू करने के लिए करीब छह महीने का समय लगता है।
अधिकारी ने कहा कि संयुक्त उद्यम के ढांचे को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसमें दोनों भागीदारों की हिस्सेदारी का अनुपात भी शामिल है।
उन्होंने कहा, "ईवी दोपहिया वाहन आधुनिकीकरण के बाद उत्तरपारा प्लांट में 98 एकड़ भूमि पर निर्मित किया जाएगा, क्योंकि यह कई वर्षों से खराब पड़ा हुआ है।"
अधिकारी ने पहले कहा था कि कंपनी ने अपनी ज्यादातर देनदारियों का भुगतान किया और संचित घाटे को कम किया।
हिंदुस्तान मोटर्स ने अपनी प्रतिष्ठित 'एंबेसडर' कारों की "मांग में कमी" के कारण 2014 में इस प्लांट को बंद कर दिया था। पश्चिम बंगाल सरकार ने कंपनी को वैकल्पिक उपयोग के लिए प्लांट में 314 एकड़ जमीन बेचने की अनुमति दी थी।