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Helmet Expiry: क्या आपका हेलमेट भी हो चुका है एक्सपायर? जानें 5 साल वाला नियम और खराब हेलमेट पहचानने का तरीका

Tue, 30 Jun 2026 01:32 PM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Helmet Rules: क्या आप भी एक ही हेलमेट का इस्तेमाल वर्षों से करते आ रहे हैं? तो बाहर से नया दिखने वाला हेलमेट अंदर से कमजोर भी हो सकता है। आइए जानते हैं हेलमेट से जुड़े 5 ऐसे जरूरी नियम, जो बताते हैं कि सही समय पर नया हेलमेट खरीदना आपकी सुरक्षा के लिए क्यों जरूरी है।
 
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हेलमेट रूल - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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Helmet 5 Year Rule: अगर आप भी अन्य राइडर्स की तरह वर्षों से एक ही हेलमेट पहनकर बाइक या स्कूटर चला रहे हैं, तो आप अपनी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ज्यादातर लोगों को लगता है कि जब तक हेलमेट बाहर से ठीक दिख रहा है, तब तक उसे बदलने की क्या जरूरत है, यहीं पर लोग गलती कर जाते हैं। क्योंकि उन्हें नहीं पता होता कि हेलमेट की भी एक तय उम्र होती है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि बड़ी कंपनियों के अनुसार, करीब पांच साल बाद हर राइडर को हेलमेट बदल देना चाहिए, क्योंकि इसके बाद उसके अंदर मौजूद सुरक्षा परत धीरे-धीरे अपनी क्षमता खोने लगती हैं।

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हेलमेट का पांच साल वाला नियम क्या है?

  • हेलमेट का महत्वपूर्ण भाग उसका बाहरी शेल नहीं, बल्कि इसके अंदर का ईपीएस (एक्सपेंडेड पॉलीस्टायरीन) लाइनर होता है। यही फोम होता है, जो एक्सीडेंट के समय सिर पर लगने वाले झटके को सोखकर गंभीर चोट से बचाने की कोशिश करता है। 
  • समय के साथ पसीना, नमी, धूल और लगातार इस्तेमाल की वजह से यही फोम धीरे-धीरे सख्त होने लगता है और हर साल करीब तीन से पांच प्रतिशत तक सिकुड़ भी जाता है। पांच साल होते-होते इसकी शॉक एब्जॉर्ब करने की क्षमता काफी कम हो जाती है। इसलिए बाहर से नया दिखने वाला हेलमेट भी अंदर से असुरक्षित हो सकता है।

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
Bike Riding Tips: हेलमेट क्यों हो जाता है कमजोर?
रोजाना इस्तेमाल के दौरान सिर का पसीना और वातावरण की नमी ईपीएस लाइनर को प्रभावित करती है। इससे धीरे-धीरे यह अपनी लचक खो देता है। एक्सीडेंट की स्थिति में यही फोम झटका कम करने का काम करता है, लेकिन पुराना होने पर यह सुरक्षा नहीं दे पाता।

Helmet Safety Tips: एक्सपर्ट्स की क्या सलाह है?
दुनिया की प्रमुख हेलमेट निर्माता कंपनियां भी 5 साल के नियम का पालन करने की सलाह देती हैं।
  • Arai (अराइ) का कहना है कि हेलमेट इस्तेमाल शुरू होने के 5 साल बाद बदल देना चाहिए। अगर हेलमेट इस्तेमाल नहीं हुआ है और केवल पैक रखा है, तब भी मैन्युफैक्चरिंग डेट के साल साल बाद उसकी सुरक्षा और वारंटी समाप्त मानी जाती है।
  • वहीं, Shoei (शोई) भी खरीदने के लगभग 5 साल बाद नया हेलमेट लेने की सलाह देती है, चाहे अंदर का फोम देखने में ठीक ही क्यों न लगे।

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
कैसे पहचानें कि हेलमेट बदलने का समय आ गया है?
आप नीचे बताए गए कुछ आसान तरीकों से अपने हेलमेट की स्थिति जांच सकते हैं।
  • हेलमेट के बाहरी हिस्से पर किसी भी तरह का क्रैक, डेंट या गहरा निशान दिखाई दे तो उसे तुरंत बदल दें।
  • अगर अंदर का कपड़ा घिस गया है और सफेद EPS फोम दिखने लगा है, तो यह संकेत है कि हेलमेट अब सुरक्षित नहीं रहा।
  • हेलमेट पहनकर स्ट्रैप कसें और सिर हिलाएं। अगर हेलमेट ढीला महसूस हो या अपनी जगह से हिल जाए, तो नया हेलमेट लेना बेहतर रहेगा।
ज्यादा या कम इस्तेमाल करने पर क्या बदलता है?
अगर आप हर साल करीब 10 हजार किलोमीटर बाइक चलाते हैं, तो 5 साल का नियम सामान्य माना जाता है।
  • हालांकि, जो लोग रोज लंबी दूरी तय करते हैं, उनके हेलमेट पर पसीने, धूल और मौसम का असर ज्यादा पड़ता है। ऐसे मामलों में हेलमेट 2 से 3 साल में ही अपनी क्षमता खो सकता है।
  • वहीं अगर हेलमेट का इस्तेमाल कम भी किया जाए, तब भी हवा की नमी और समय के असर से ईपीएस फोम कमजोर होता रहता है। इसलिए केवल कम इस्तेमाल होने से उसकी उम्र नहीं बढ़ जाती।
नया हेलमेट खरीदने का एक और फायदा
समय के साथ-साथ हेलमेट की तकनीक भी बेहतर होती जाती है। बाजार में नए सेफ्टी स्टैंडर्ड्स, हल्के और मजबूत मैटेरियल्स और बेहतर वेंटिलेशन वाले डिजाइंस आ जाते हैं। इसलिए समय पर हेलमेट बदलना आपकी सुरक्षा और स्टाइल दोनों के लिए एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
हेलमेट खरीदते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें:
  • आईएसआई या ईसीई-डीओटी सर्टिफिकेशन जरूर देखें: हमेशा प्रमाणित हेलमेट ही खरीदें, ताकि सुरक्षा मानकों का पालन हो।
  • सही साइज चुनें: खरीदते समय एक बार चेक जरूर करें कि कहीं वह बहुत ज्यादा ढीला या टाइट तो नहीं है। पहनने पर सिर पर अच्छी तरह फिट होना चाहिए।
  • मैन्युफैक्चरिंग डेट जांचें: हमेशा पुराना स्टॉक खरीदने से बचें। जितना नया हेलमेट होगा, उसकी सुरक्षा क्षमता उतनी बेहतर होगी।
  • फुल-फेस हेलमेट को प्राथमिकता दें: यह ओपन-फेस हेलमेट की तुलना में सिर, जबड़े और चेहरे को बेहतर सुरक्षा देता है।
  • EPS लाइनर और अंदरूनी पैडिंग देखें:  अंदर की फोम (EPS) मजबूत और कुशनिंग आरामदायक होनी चाहिए।
  • स्ट्रैप और लॉक की गुणवत्ता जांचें: चिन स्ट्रैप मजबूत हो और लॉक आसानी से बंद व खुल सके।
  • वाइजर (Visor) की क्वालिटी देखें: साफ विजन वाला, स्क्रैच-रेजिस्टेंट और जरूरत पड़ने पर UV प्रोटेक्शन वाला वाइजर बेहतर माना जाता है।
  • वजन संतुलित हो: बहुत भारी हेलमेट लंबी राइड में गर्दन पर दबाव डाल सकता है।
  • वेंटिलेशन सिस्टम अच्छा हो: एयर वेंट्स होने से गर्मी और पसीने की समस्या कम होती है।
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