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Traffic Challan: गुरुग्राम में ट्रैफिक सिस्टम हुआ डिजिटल, कैमरे से कटेगा चालान, जानें कैसे करेगा काम

Mon, 03 Nov 2025 12:49 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यह कदम ट्रैफिक सिस्टम को और तेज, पारदर्शी और ऑटोमैटिक बनाने के लिए उठाया गया है। इसका मकसद ट्रैफिक पुलिस पर निर्भरता कम करना और चालान की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाना है।
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Traffic Camera - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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गुड़गांव में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए अब नया सिस्टम लागू हो गया है। अब जहां-जहां ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगे हैं, वहां ट्रैफिक पुलिस चालान हाथ से नहीं काटेगी। यह कदम ट्रैफिक सिस्टम को और तेज, पारदर्शी और ऑटोमैटिक बनाने के लिए उठाया गया है। इसका मकसद ट्रैफिक पुलिस पर निर्भरता कम करना और चालान की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाना है।
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कैसे काम करेगा नया सिस्टम
ANPR कैमरे शहर के कई चौराहों और व्यस्त सड़कों पर लगाए गए हैं। ये कैमरे एक साथ 14 तरह के ट्रैफिक उल्लंघन पकड़ सकते हैं। जैसे कि ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट पार करना, बिना हेलमेट चलाना या गलत लेन में गाड़ी चलाना।

जब कोई नियम तोड़ता है, तो कैमरा गाड़ी का नंबर प्लेट स्कैन करता है, उसका डेटा तुरंत प्रोसेस करता है और रियल टाइम में ई-चालान जारी कर देता है। चालान सीधे गाड़ी मालिक के मोबाइल या पते पर भेजा जाता है।

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क्यों उठाया गया यह कदम
ट्रैफिक डीसीपी डॉ. राजेश मोहन के मुताबिक, इस सिस्टम से कामकाज की कार्यक्षमता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी। उन्होंने कहा, "अब से ANPR कैमरे खुद ही रियल टाइम में ई-चालान जारी करेंगे। इससे इंसानी गलती और बहस जैसी दिक्कतें भी खत्म होंगी।" 

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सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
नए नियम को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक यूजर ने मजाक में लिखा, "कोई बात नहीं, अब मशीन को ही खराब बता देंगे!" दूसरे ने पूछा, "अगर गाड़ी पर नंबर प्लेट ही नहीं लगी हो तो कैमरा क्या करेगा?"

कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या चालान की रकम ऑफलाइन जमा कर सकते हैं, या फिर सब कुछ ऑनलाइन ही होगा। कई लोगों को डर है कि अगर ऑफलाइन भुगतान रहेगा, तो भ्रष्टाचार के मौके फिर भी रहेंगे।

हालांकि, सोशल मीडिया पर पुलिस से सबसे ज्यादा पूछा गया सवाल था, "तो अब ड्रिंक एंड ड्राइव वाले केस में पुलिस कैसे पकड़ेगी?" इस पर फिलहाल अधिकारियों ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।

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क्या है आगे की योजना
फिलहाल ये कैमरे गुड़गांव के कई मुख्य चौराहों पर काम कर रहे हैं। आने वाले महीनों में ट्रैफिक विभाग इन्हें और सड़कों तक फैलाने की योजना बना रहा है। लगभग 50 व्यस्त जगहों पर अब फिजिकल चालान बंद कर दिए जाएंगे। यानी, गुड़गांव का ट्रैफिक सिस्टम अब पूरी तरह डिजिटल दौर में प्रवेश कर चुका है। 

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