गुरुग्राम में सड़क हादसों में मौतों को शून्य तक लाने के उद्देश्य से जिला सड़क सुरक्षा समिति ने एक विस्तृत 'जीरो फेटैलिटी' एक्शन प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत पिछले दो वर्षों में सबसे ज्यादा जानलेवा साबित हुए 23 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की गई है, जहां 49 घातक हादसों में 53 लोगों की मौत हुई।
पिछले दो वर्षों में कितनी सड़क दुर्घटनाओं में गई जान?
एक्शन प्लान के अनुसार, 2023 और 2024 के बीच गुरुग्राम में कुल 636 सड़क दुर्घटना जनित मौतें दर्ज की गईं। इनमें से:
88 मौतें ओवरस्पीडिंग से
32 मौतें लापरवाह ड्राइविंग से
19 मौतें खतरनाक ओवरटेकिंग से
13 मौतें जिग-जैग ड्राइविंग से
6 मौतें गलत दिशा में वाहन चलाने से
5-5 मौतें नशे में ड्राइविंग और गलत तरीके से खड़े वाहनों से जुड़ी रहीं
हालांकि, 407 मामलों में किसी खास ट्रैफिक उल्लंघन की पुष्टि नहीं हो पाई, जबकि 55 मामलों में डेटा उपलब्ध नहीं था।
ब्लैक स्पॉट्स पर सबसे बड़ा खतरा क्या रहा?
पहचाने गए 23 ब्लैक स्पॉट्स पर हुए 49 घातक हादसों में से 36 हादसे तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के कारण हुए।
19 स्थानों पर ओवरस्पीडिंग
10 स्थानों पर रैश ड्राइविंग
7 जगहों पर खतरनाक ओवरटेकिंग
6 पॉइंट्स पर जिग-जैग ड्राइविंग प्रमुख कारण रही।
कौन-सी सड़कें सबसे ज्यादा हादसों के लिए जिम्मेदार रहीं?
योजना के अनुसार:
दिल्ली-जयपुर-गुरुग्राम (NH-48) पर 13 ब्लैक स्पॉट्स, जहां 29 घातक हादसों में 31 मौतें हुईं
राज्य राजमार्गों पर 4 स्थानों पर 8 हादसे
दिल्ली वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और गुरुग्राम-अलवर हाईवे पर 2-2 स्थानों पर 4 हादसे और 4 मौतें दर्ज की गईं
स्पीड कंट्रोल के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
2023 के अध्ययनों में सामने आया कि शहर की 51 प्रतिशत सड़कें 30 किमी प्रति घंटा से कम और 11 प्रतिशत सड़कें 60 किमी प्रति घंटा से ज्यादा रफ्तार वाली थीं। इसे देखते हुए प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से ये उपाय लागू करने का फैसला किया है:
स्पीड ब्रेकर और राउंडअबाउट
उभरे हुए पैदल यात्री क्रॉसिंग
सड़क डिजाइन में बदलाव
कैमरे और डिजिटल निगरानी से कैसे बदलेगा हालात?
GMDA के मुताबिक, फेज-2 CCTV नेटवर्क के तहत दिसंबर 2026 तक 28 हाई-ट्रैफिक इलाकों में 432 ANPR कैमरे लगाए जाएंगे।
वहीं ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार:
2025 में 1.03 लाख ओवरस्पीडिंग चालान जारी हुए
2024 में यह संख्या सिर्फ 17,122 थी
2025 में दर्ज 1,112 हादसों में से 100 हादसे ओवरस्पीडिंग से जुड़े थे
इसके अलावा, नवंबर से शहर की 129 सड़कों को गूगल मैप्स पर डिजिटल स्पीड लिमिट अलर्ट से जोड़ा गया है।
आगे की रणनीति क्या होगी?
प्रशासन का कहना है कि स्पीड मैनेजमेंट को इस साल प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत:
बेहतर साइनेज
सुरक्षित सड़क डिजाइन
स्पीड कैमरों का दायरा बढ़ाना
जैसे उपाय लागू किए जाएंगे, ताकि गुरुग्राम में सड़क हादसों और मौतों की संख्या को निर्णायक रूप से कम किया जा सके।