60 लाख से लेकर 1.34 करोड़ तक की कारें
इस डील के तहत खरीदी गई कारों की कीमत 60 लाख रुपये से लेकर 1.34 करोड़ रुपये के बीच रही। इन कारों में Audi (ऑडी), BMW (बीएमडब्ल्यू), Mercedes (मर्सिडीज), और अन्य टॉप ब्रांड्स शामिल थे। इस खरीद में अहमदाबाद समेत गुजरात के लोगों का बड़ा योगदान रहा, जिन्होंने देशभर में हुई इस सामूहिक डील में प्रमुख भूमिका निभाई।
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सामूहिक खरीद से मिला मुनाफा
JITO के वाइस-चेयरमैन हिमांशु शाह ने बताया कि, "जब समुदाय मिलकर खरीदारी करता है तो हमारी मोलभाव करने की ताकत बढ़ जाती है। ब्रांड्स को फायदा यह होता है कि उन्हें एक साथ बड़ी बिक्री मिलती है और विज्ञापन पर खर्च कम करना पड़ता है। दूसरी तरफ, हमारे सदस्यों को सीधा फायदा छूट के रूप में मिलता है।"
उन्होंने बताया कि इस एक पहल में ही JITO सदस्यों ने कुल 149.54 करोड़ रुपये की लग्जरी कारें खरीदीं, और सामूहिक रूप 21.22 करोड़ रुपये की बचत की।
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अब इन सेगमेंट में भी बढ़ेगी यह पहल
इस सफलता के बाद, JITO ने 'कम्युनिटी परचेजिंग' के लिए एक अलग विंग बना लिया है। अब वे ऐसी सामूहिक खरीद की योजनाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयां, ज्वेलरी और अन्य सेक्टरों तक बढ़ा रहे हैं ताकि समुदाय के लोग और भी क्षेत्रों में सामूहिक बचत का लाभ उठा सकें।
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भरवाड़ समुदाय ने भी अपनाया सामूहिक मॉडल
सिर्फ जैन ही नहीं, गुजरात का भरवाड़ समुदाय भी अब इसी मॉडल को अपना रहा है, लेकिन थोड़े अलग तरीके से। भरवाड़ युवा संगठन गुजरात ने हाल ही में 121 जेसीबी मशीनों की सामूहिक खरीद की और प्रति मशीन औसतन 3.3 लाख रुपये की छूट हासिल की, जिससे समुदाय ने कुल 4 करोड़ रुपये की बचत की।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भरवाड़ संगठन के अध्यक्ष दिलीप भरवाड़ ने बताया, "इस अभियान का मकसद युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है। जिनके पास पर्याप्त क्रेडिट स्कोर नहीं था, उन्हें हमने पैन और आधार वेरिफिकेशन के आधार पर जीरो डाउन पेमेंट में जेसीबी मशीन दिलवाई। समुदाय ने उनकी गारंटी ली ताकि बैंक को भरोसा मिल सके।"
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गुजरात ने दी यह सीख
गुजरात के इन लोगों ने पूरे देश को यह सीख दी है कि साथ मिलकर खरीदो और समझदारी से बचत करो। चाहे बात लग्जरी कारों की हो या भारी मशीनों की, गुजरात के समुदायों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात पैसों की हो, तो समझदारी और एकजुटता से सबसे बेहतरीन डील निकलती है।
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