विभिन्न पुलिस रेंजों में पीयूसी चालानों का विवरण
दिल्ली के छह अलग-अलग पुलिस रेंजों में पीयूसी उल्लंघनों की संख्या काफी भिन्न रही। वेस्टर्न रेंज में सबसे अधिक 22,867 चालान जारी किए गए, जबकि साउदर्न रेंज में 20,554 चालान दर्ज हुए। न्यू दिल्ली रेंज में 13,423, ईस्टर्न रेंज में 12,441, नॉर्दर्न रेंज में 10,211 और सेंट्रल रेंज में 5,485 चालान जारी किए गए।
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, प्रत्येक रेंज में दिल्ली के अलग-अलग जिलों को शामिल किया गया है, जैसे ईस्टर्न रेंज में पूर्वी दिल्ली, शाहदरा और उत्तर-पूर्व दिल्ली आते हैं।
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धुआं छोड़ने वाले वाहनों और ओवरएज गाड़ियों पर भी कार्रवाई
पुलिस ने उन वाहनों पर भी नजर रखी जो सड़क पर स्पष्ट रूप से प्रदूषण फैलाते पाए गए। इस श्रेणी में 2,030 वाहनों को चालान जारी किया गया। साउदर्न रेंज में सबसे ज्यादा 1,197, वेस्टर्न रेंज में 751, और न्यू दिल्ली रेंज में 82 चालान जारी हुए, जबकि ईस्टर्न, नॉर्दर्न और सेंट्रल रेंज में ऐसी कोई घटना दर्ज नहीं हुई। इस दौरान साउदर्न रेंज में एक ओवरएज वाहन भी जब्त किया गया।
निर्माण-संबंधी नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
बिना ढंके निर्माण और मलबा ढुलाई से प्रदूषण बढ़ाने वाले मामलों पर भी पुलिस सक्रिय रही। इस श्रेणी में 446 चालान जारी किए गए, जिनमें:
- साउदर्न रेंज: 257
- वेस्टर्न रेंज: 126
- ईस्टर्न रेंज: 27
- नॉर्दर्न रेंज: 19
- न्यू दिल्ली रेंज: 17
सेंट्रल रेंज में इस तरह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।
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गैर-गंतव्य ट्रकों को शहर में प्रवेश से रोका गया
शहर के प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली पुलिस ने 4,708 नॉन-डेस्टिनेशन ट्रकों को पूर्वी और पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर डायवर्ट किया। इनमें वेस्टर्न रेंज में 1,980, साउदर्न रेंज में 1,722, नॉर्दर्न रेंज में 641, ईस्टर्न रेंज में 266, और न्यू दिल्ली रेंज में 99 ट्रक शामिल रहे। सेंट्रल रेंज में ऐसे कोई मामले दर्ज नहीं हुए।
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भीड़भाड़ कम करने के लिए 703 स्थानों को किया गया खाली
ग्रैप लागू रहने के दौरान ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय रही। साउदर्न रेंज ने 392, वेस्टर्न रेंज ने 303, ईस्टर्न रेंज ने 5, और नॉर्दर्न रेंज ने 3 भीड़भाड़ वाले स्थानों को खाली कराया। न्यू दिल्ली और सेंट्रल रेंज ने इस अवधि में कोई भी भीड़भाड़ बिंदु दर्ज नहीं किया।
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अंतरराज्यीय बसों की व्यापक जांच और कार्रवाई
दिल्ली की सीमाओं पर ग्रैप नियमों के तहत 5,910 अंतरराज्यीय बसों की जांच की गई। इनमें सबसे अधिक जांच ईस्टर्न रेंज (2,164) में हुई, इसके बाद वेस्टर्न (1,285), साउदर्न (1,205), न्यू दिल्ली (945) और नॉर्दर्न (311) का स्थान रहा। इनमें से कुल 5,538 बसों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दी गई, जबकि 442 बसों को GRAP नियम न मानने के कारण रोका गया।
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GRAP क्या है और कैसे लागू होता है?
ग्रैप एक आपातकालीन योजना है, जो दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता बेहद खराब होने पर सक्रिय की जाती है। इसे चार चरणों में बांटा गया है:
चरण 1 - खराब
स्टेज 2 - बहुत खराब
स्टेज 3 - गंभीर
स्टेज 4 - बेहद गंभीर
ये लेवल दिल्ली-एसीआर के एयर क्वालिटी इंडेक्स पर आधारित हैं।
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स्टेज एक और स्टेज दो में पानी का छिड़काव, मैकेनिकल स्वीपिंग, पार्किंग फीस बढ़ाना, डीजल जनरेटर सेट पर कड़ी जांच, और लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने और धूल पैदा करने वाले कंस्ट्रक्शन के काम को कम करने के लिए पब्लिक एडवाइजरी जैसे उपाय शामिल हैं।
स्टेज तीन में कंस्ट्रक्शन और तोड़-फोड़ का काम रोक दिया जाता है, नॉन-सीएनजी और नॉन-इलेक्ट्रिक इंटर-स्टेट बसों पर रोक लगा दी जाती है, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल कारों पर रोक लगा दी जाती है और मेट्रो सर्विस बढ़ा दी जाती हैं।
स्टेज चार में गैर-जरूरी ट्रकों की एंट्री रोक दी जाती है, क्लास 10 से नीचे के स्कूल बंद कर दिए जाते हैं, ऑफिस में आने की लिमिट तय कर दी जाती है, BS-VI से नीचे के डीजल मालवाहक गाड़ियों पर रोक लगा दी जाती है और शहर में सिर्फ जरूरी चीजों को ही आने-जाने की इजाजत दी जाती है।
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सर्दियों में कड़ी निगरानी जारी रहेगी
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क है और आने वाले महीनों में ग्रैप नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेगा, ताकि प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को मजबूती मिले और यातायात सुचारू रहे।
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