फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Toll Pass: सरकार ने नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे के लिए वार्षिक और आजीवन टोल पास का रखा प्रस्ताव, जानें डिटेल्स

Thu, 06 Feb 2025 03:52 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जल्द ही आपको अपने वाहन के FASTag (फास्टैग) को बार-बार रिचार्ज करना बीते जमाने की बात हो सकती है। भारत सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों (नेशनल हाईवे) और एक्सप्रेसवे पर टोल भुगतान को आसान बनाने के लिए निजी वाहनों के लिए वार्षिक और लाइफटाइम टोल पास की योजना का प्रस्ताव रखा है।
विज्ञापन
सूना पड़ा टोल प्लाजा।  - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जल्द ही आपको अपने वाहन के FASTag (फास्टैग) को बार-बार रिचार्ज करना बीते जमाने की बात हो सकती है। भारत सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों (नेशनल हाईवे) और एक्सप्रेसवे पर टोल भुगतान को आसान बनाने के लिए निजी वाहनों के लिए वार्षिक और लाइफटाइम टोल पास की योजना का प्रस्ताव रखा है। यह योजना उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी, जो अक्सर हाईवे और एक्सप्रेसवे पर यात्रा करते हैं। इससे टोल भरना न सिर्फ सस्ता होगा, बल्कि टोल प्लाजा पर बिना रुके सफर करना भी आसान हो जाएगा।
विज्ञापन
Trending Videos

टोल प्लाजा। - फोटो : अमर उजाला।
कितना होगा वार्षिक और लाइफटाइम टोल पास का खर्च?
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने एक वार्षिक टोल पास की पेशकश की है, जिसे 3,000 रुपये के एकमुश्त भुगतान पर खरीदा जा सकता है। यह पास पूरे एक साल तक सभी राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर असीमित यात्रा के लिए मान्य रहेगा।

इसके अलावा, सरकार ने 15 साल के लिए एक लाइफटाइम टोल पास की भी योजना बनाई है, जिसकी कीमत 30,000 रुपये होगी। यह नया सिस्टम मौजूदा FASTag के साथ जोड़ा जाएगा ताकि बिना किसी अतिरिक्त झंझट के टोल का भुगतान किया जा सके।

टोल प्लाजा के बाहर माैजूद वाहन घंटों तक खड़े रहे। - फोटो : अमर उजाला
सरकार का मकसद क्या है?
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी ने पिछले महीने कहा था कि सरकार निजी वाहनों के लिए मासिक और वार्षिक पास लाने पर विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि कुल टोल कलेक्शन का केवल 26 प्रतिशत हिस्सा निजी कारों से आता है। गडकरी ने कहा, "जबकि 74 प्रतिशत राजस्व व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों से हासिल होता है। इसलिए सरकार निजी कारों के लिए टोल भुगतान को आसान बनाने पर काम कर रही है।"

कुल्लू-मनाली हाईवे पर डोहलू नाला का टोल प्लाजा। - फोटो : संवाद
कैसे काम करेगा वार्षिक और लाइफटाइम टोल पास?

वार्षिक टोल पास
  • लागत: ₹3,000 प्रति वर्ष
  • फास्टैग अकाउंट से लिंक होगा
  • एक साल तक असीमित यात्रा की सुविधा
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) का लक्ष्य निजी कारों के लिए वार्षिक टोल पास प्रदान करना है, जिसकी कीमत यूजर्स के लिए प्रति वर्ष 3,000 रुपये होगी। पास को वाहन के मौजूदा FASTag खाते में इंटीग्रेट किया जाएगा। जिससे उपयोगकर्ता को राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे तक असीमित पहुंच हासिल होगी। इस पास को खरीदने के बाद, उपयोगकर्ता को अगले एक साल तक अपने FASTag खाते को बार-बार रिचार्ज करने की जरूरत नहीं होगी। एक बार पास की वैधता समाप्त हो जाने के बाद, वह आवश्यकता के अनुसार दूसरा पास खरीद सकता है या रिचार्ज कर सकता है।

चंडीमंदिर टोल प्लाजा। - फोटो : संवाद
लाइफटाइम टोल पास
  • लागत: ₹30,000 (15 साल के लिए)
  • फास्टैग अकाउंट से लिंक होगा
  • एक बार खरीदने के बाद 15 साल तक टोल देने की चिंता नहीं

लाइफटाइम टोल पास भी इसी तरह काम करता है। इस मामले में एकमात्र अंतर यह है कि इस पास की वैधता 15 साल के लिए है और इसकी कीमत 30,000 रुपये है। वार्षिक पास की तरह, इसे भी उपयोगकर्ता के FASTag खाते में इंटीग्रेट किया जाएगा।

अभी, निजी कारों के लिए 340 रुपये प्रति माह (12 महीने के लिए कुल 4,080 रुपये) का मासिक पास उपलब्ध है। लेकिन यह सिर्फ एक टोल प्लाजा पर ही मान्य होता है। जबकि 3,000 रुपये में सालभर के लिए पूरे देश के हाईवे और एक्सप्रेसवे पर असीमित यात्रा की सुविधा मिलेगी। जो इसे मासिक पास की तुलना में बेहद सस्ता बना देगा। 

सेमरा राजा के पास स्थित टोल प्लाजा। - फोटो : संवाद
सरकार इस कदम से क्या हासिल करना चाहती है?
  1. टोल प्लाजा पर ट्रैफिक की भीड़ कम होगी।
  2. टोल भुगतान की प्रक्रिया को और आसान बनाया जाएगा।
  3. सरकार को राजस्व का नुकसान नहीं होगा क्योंकि मुख्य कमाई कमर्शियल वाहनों से ही होती है।
  4. टोल भुगतान को और आसान बनाने की अगली योजना
  5. सरकार टोल कलेक्शन को पूरी तरह डिजिटल और आसान बनाने के अगले चरण में है। 2014 में FASTag को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लॉन्च किया गया था और 2017 से इसे सभी वाहनों के लिए अनिवार्य कर दिया गया। इससे टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत कम हुई और सफर तेज और सुविधाजनक बना।
विज्ञापन

हरैया के पास टोल प्लाजा - फोटो : संवाद
अब सरकार सैटेलाइट-बेस्ड टोल कलेक्शन सिस्टम (Global Navigation Satellite System - GNSS) लाने की योजना पर काम कर रही है। इस तकनीक के तहत:
  1. वाहन जितनी दूरी तय करेगा, उसी के आधार पर टोल लिया जाएगा।
  2. FASTag की जगह GNSS टेक्नोलॉजी से ऑटोमेटिक टोल कटेगा।
  3. रोजाना 20 किलोमीटर तक हाईवे पर मुफ्त यात्रा की सुविधा मिल सकती है।
  4. 20 किलोमीटर से ज्यादा सफर पर टोल की गणना वाहन की मूवमेंट ट्रैकिंग से होगी।
  5. इस नई तकनीक से टोल प्लाजा खत्म हो सकते हैं और टोल भुगतान पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमैटिक हो जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें