नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री (फाइल फोटो)
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देश में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि सरकार, ऑटो इंडस्ट्री के साथ मिलकर देश के पिछड़े इलाकों में नए ड्राइविंग स्कूल खोलेगी। इस पहल से अगले 5 वर्षों में लगभग 1 करोड़ युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। नई दिल्ली में 'सड़क सुरक्षा अभियान' के एक कार्यक्रम में बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान के साथ बातचीत के दौरान गडकरी ने कई अहम जानकारियां साझा कीं।
22 लाख ड्राइवरों की भारी कमी
नितिन गडकरी ने बताया कि देश में फिलहाल 22 लाख ड्राइवरों की कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने 200 ड्राइविंग स्कूल पहले ही खोल दिए हैं। अब सरकार की योजना 120 आकांक्षी जिलों और 500 पिछड़े ब्लॉकों में नए ट्रेनिंग सेंटर खोलने की है।
भारत में सड़क हादसों के डराने वाले आंकड़े
सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दुर्भाग्यवश सड़क दुर्घटनाओं के मामले में भारत दुनिया में शीर्ष पर है। देश में हर साल 5 लाख से भी अधिक सड़क हादसे दर्ज किए जाते हैं, जिनमें लगभग 1.8 लाख लोग अपनी जान गंवा देते हैं। इन आंकड़ों का सबसे दुखद पहलू यह है कि जान गंवाने वालों में 66 प्रतिशत लोग 18 से 44 वर्ष की आयु के युवा होते हैं। ये हादसे न केवल अनगिनत परिवारों को उजाड़ रहे हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर भी गहरा आघात करते हैं। इससे भारत की कुल जीडीपी को हर साल 3 प्रतिशत का भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
आखिर क्यों होते हैं इतने हादसे?
नितिन गडकरी ने विश्लेषण करते हुए बताया कि आखिर देश में इतने हादसों की मुख्य वजह क्या है। उन्होंने इसके लिए पांच बड़े कारणों को जिम्मेदार ठहराया, जिनमें सबसे पहला खराब सड़क डिजाइन और इंजीनियरिंग है। सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए देश भर में 'ब्लैक स्पॉट्स' की पहचान की है और उन्हें ठीक करने के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके अलावा, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन वाले 350 संवेदनशील स्थानों में से 280 को अब तक सुधारा जा चुका है। हादसों का दूसरा बड़ा कारण ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग है, जिसे वैश्विक स्तर पर लाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। खास बात ये है कि भारतीय ऑटो इंडस्ट्री अभी 23 लाख करोड़ रुपये के साथ दुनिया में तीसरे स्थान पर है, जिसे अगले 5 वर्षों में नंबर 1 बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
"सिर्फ पुलिस के डर से न पहनें हेलमेट" - आमिर खान
इस कार्यक्रम में आमिर खान ने सड़क सुरक्षा पर अपने विचार रखते हुए कहा कि वह खुद नियमों का सख्ती से पालन करते हैं। उन्होंने लोगों की उस मानसिकता पर निशाना साधा जिसमें लोग सिर्फ पुलिस से बचने के लिए हेलमेट पहनते हैं या सीट बेल्ट का अलार्म बंद करने के लिए नकली क्लिप का इस्तेमाल करते हैं। आमिर ने कहा, "हमें समझना होगा कि पुलिस हो या न हो, हेलमेट हमारी अपनी जान बचाता है।" इसके साथ ही उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल बसों में भी सीट बेल्ट को अनिवार्य किया जाना चाहिए।