फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

E20 Petrol: ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता पर सरकार का बड़ा बयान! 87,000 पंपों पर दिन में 12 बार तक हो रही जांच

Tue, 04 Aug 2026 06:06 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

E20 पेट्रोल की गुणवत्ता और उसमें मिलावट को लेकर सामने आ रही खबरों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने कहा है कि देशभर में ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) नियमित रूप से ईंधन की गुणवत्ता की निगरानी कर रही हैं।
विज्ञापन
Government Clarification On E20 Petrol - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ईंधन में मिलावट और दूषित होने की मीडिया रिपोर्टों से उपजी चिंताओं को दूर करने के लिए मंगलवार को सरकार ने स्पष्टीकरण जारी किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने स्पष्ट किया कि तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा ईंधन की गुणवत्ता की नियमित रूप से निगरानी की जाती है। और इस निगरानी व्यवस्था को अब और अधिक कड़ा व तीव्र कर दिया गया है।

मंत्रालय के अनुसार, पूरे देश में फैलाए गए व्यापक जांच तंत्र के बावजूद अब तक क्लोराइड संदूषण के केवल दो ही मामले सामने आए हैं। इन दोनों मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित फ्यूल रिटेल आउटलेट्स से ईंधन की बिक्री को तुरंत निलंबित कर दिया गया था। 

विज्ञापन

Petrol Pump - फोटो : संवाद

पेट्रोल पंपों पर ईंधन की गुणवत्ता और पानी के प्रवेश की जांच कैसे और कितनी बार की जा रही है?

ग्राहकों तक शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण E20 पेट्रोल पहुंचाने के लिए देश भर के पेट्रोल पंपों पर निगरानी और टेस्टिंग बढ़ा दी गई है:

  • प्रतिदिन 8 से 12 बार टेस्टिंग:
    देश भर के 87,000 से अधिक फ्यूल रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) पर पानी के प्रवेश की जांच दिन में 8 से 12 बार तक की जा रही है।

  • 2,000 से अधिक नमूनों की गहन जांच:
    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए मंत्रालय ने बताया कि क्लोराइड और सल्फाइड संदूषण की जांच के लिए ईंधन के 2,000 से अधिक नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है।

  • सप्लाई चेन पर प्रोएक्टिव निगरानी:
    ओएमसी (OMCs) को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरे ईंधन आपूर्ति तंत्र की पहले से ही सक्रियता के साथ निगरानी करें ताकि किसी भी संभावित संदूषण की तुरंत पहचान की जा सके।

  • दोषियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी:
    यदि किसी भी रिटेल आउटलेट पर मिलावट या संदूषण पाया जाता है, तो वहां बिना किसी ढील के अत्यंत कड़े कदम उठाए जाएंगे।

विज्ञापन

Petrol Pump - फोटो : AI

E20 पेट्रोल में मिलाए जाने वाले इथेनॉल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या सुरक्षा मानक तय किए गए हैं?

ईंधन की गुणवत्ता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच मंत्रालय ने इन्फोग्राफिक्स की एक श्रृंखला जारी कर E20 पेट्रोल की गुणवत्ता आश्वासन प्रक्रिया का ब्योरा साझा किया है:

  • BIS IS 15464 मानकों का पालन:
    ब्लेंडिंग (मिश्रण) के लिए उपयोग किए जाने वाले इथेनॉल का भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के IS 15464 मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य है।

  • 99.6 प्रतिशत न्यूनतम शुद्धता:
    मिश्रित किए जाने वाले इथेनॉल में कम से कम 99.6 प्रतिशत की शुद्धता होना आवश्यक है, और हर डिस्पैच के साथ एक प्रमाणित गुणवत्ता रिपोर्ट का होना अनिवार्य किया गया है।

  • समर्पित भंडारण और दोहरा परीक्षण:
    इथेनॉल के लिए समर्पित भंडारण सुविधाएं बनाई गई हैं। इसके अलावा, इथेनॉल टैंकर को स्वीकार करने से पहले उसके ऊपरी और निचले दोनों हिस्सों से नमूने लेकर नियमित निगरानी की जाती है।

  • मानकों पर खरे न उतरने वाले टैंकरों की जब्ती/अस्वीकृति:
    डिलीवरी से पहले कड़े गुणवत्ता जांच लागू किए जाते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, निर्धारित गुणवत्ता मानकों में विफल रहने के कारण जुलाई 2024 से जून 2026 के बीच लगभग 10,500 किलोलीटर इथेनॉल ले जा रहे 302 टैंक ट्रकों को खारिज कर दिया गया था।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें