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E-Rickshaw: ई-रिक्शा की बैटरी के दुरुपयोग पर सरकार सख्त, तैयार किया साइबर सुरक्षा की मजबूती का ढांचा

Wed, 22 Jul 2026 10:33 PM IST
Amar Sharma आईएएनएस, नई दिल्ली

सार

सरकार ने ई-रिक्शा की बैटरी को ब्लूटूथ और अनधिकृत एप के जरिए बंद करने की शिकायतों पर सख्त कदम उठाते हुए कई मोबाइल एप्स को एप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए की गई है।
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E-rickshaw Battery App Misuse - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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सरकार ने ई-रिक्शा बैटरी के अनधिकृत रिमोट कंट्रोल के लिए मोबाइल एप्लिकेशन के दुरुपयोग की रिपोर्टों का संज्ञान लिया है। इस दिशा में कदम उठाते हुए सरकार ने कुछ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) मोबाइल एप्लिकेशन को एप स्टोर से हटाने का आदेश दिया है। बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। 
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इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि सरकार ने डिजिटल इकोसिस्टम में साइबर सुरक्षा और डिजिटल लचीलेपन को मजबूत करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी एकीकृत और समन्वित ढांचा तैयार किया है।

मंत्रालय के बयान में क्या कहा 


इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि एकीकृत ढांचे में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के तहत राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक शामिल है। उन्होंने कहा कि यह विभिन्न एजेंसियों के बीच साइबर सुरक्षा से संबंधित समन्वय सुनिश्चित करेगा।

बयान में कहा गया है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70बी के तहत नामित भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (आईसीटी) को साइबर घटनाओं से निपटने के लिए राष्ट्रीय एजेंसी बनाया गया है।

भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पोंस टीम (सीईआरटी-इन) द्वारा कार्यान्वित राष्ट्रीय साइबर समन्वय केंद्र (एनसीसीसी) साइबर सुरक्षा खतरों का पता लगाने के लिए साइबरस्पेस का विश्लेषण करता है। यह संबंधित संगठनों, राज्य सरकारों और हितधारक एजेंसियों के साथ जानकारी साझा करता है ताकि कार्रवाई की जा सके।
 

क्यों की गई एनसीआईआईपीसी की स्थापना


सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70ए के प्रावधानों के तहत देश में महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (एनसीआईआईपीसी) की स्थापना की है।

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा प्रशासित है, जिसे वैश्वीकरण, प्रौद्योगिकी, ई-कॉमर्स बाजारों आदि के युग में उपभोक्ता संरक्षण को नियंत्रित करने वाले ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए अधिनियमित किया गया था। 
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सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता


मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि सूचना सुरक्षा के क्षेत्र में मानव संसाधनों को मजबूत करने और आम जागरूकता पैदा करने के लिए इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा 'सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता (आईएसईए)' परियोजना कार्यान्वित की जा रही है।

मंत्रालय ने बताया कि साइबर स्वच्छता और साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर जागरूकता सामग्री कई सरकारी पोर्टलों के माध्यम से प्रसारित की जा रही है।
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