जब पूरे देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री चिप शॉर्टेज से जूझ रही है, तो दुनिया की नामी-गिरामी कार कंपनी ऑडी भी इससे अछूती नहीं है। ऑडी इंडिया भी सेमीकंडक्टर चिप की किल्लत को झेल रही है। जिससे उसके कुछ मॉडल्स की डिलावरी के लिए ग्राहकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं ऑडी इंडिया भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर बेहद संजीदा है। कंपनी यहां पर ग्राहकों के लिए एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना चाहती है, जिसमें सेल्स, ऑफ्टर सेल्स, बॉय-बैक और चार्जिंग सभी शामिल हों। ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लों ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में जितनी ज्यादा कंपनियां एंट्री करेंगी, इससे इस सेगमेंट को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
सवाल 1. जब पूरा ऑटोमोबाइल उद्योग चिप की कमी से जूझ रहा है, ऑडी कितना प्रभावित हुई है और इस संकट से कैसे निपट रही है?
जवाब: विश्व स्तर पर कोई भी निर्माता सेमी-कंडक्टर की कमी से अछूता नहीं रहा। निश्चित रूप से कुछ प्रभाव पड़ा है। हालांकि, हमारी प्लानिंग साइकिल काफी लंबी है और इसलिए, हम अच्छी तरह से प्रबंधन करने में सक्षम हैं। हालांकि, इस समय आपूर्ति की तुलना में मांग निश्चित रूप से ज्यादा है। जो कुछ मॉडलों के लिए लंबे वेटिंग पीरियड का कारण बन रही है।
सवाल 2. ऑडी ईवी की योजना क्या है? कंपनी के कितने मॉडल आने वाले हैं?
जवाब: ऑडी इंडिया ने भारत में 5 इलेक्ट्रिक कारें लॉन्च की हैं और यह देश में सबसे व्यापक रेंज वाला एकमात्र ब्रांड है। ई-ट्रॉन ब्रांड के तहत, ऑडी इंडिया ने Audi e-tron 50 (ऑडी ई-ट्रॉन 50), Audi e-tron 55 (ऑडी ई-ट्रॉन 55), Audi etron Sportback 55 (ऑडी ईट्रॉन स्पोर्टबैक 55), भारत की पहली इलेक्ट्रिक सुपरकार - Audi e-tron GT (ऑडी ई-ट्रॉन जीटी) और Audi RS e-tron GT (ऑडी आरएस ई-ट्रॉन जीटी) लॉन्च की। इन सभी कारों को शानदार प्रतिक्रिया मिली है और ये मार्च 2022 तक के लिए सोल्ड आउट हो चुकी हैं।
हमने अपने ग्राहकों के लिए एक संपूर्ण इको सिस्टम बनाया जिसमें बिक्री, आफ्टर सेल्ट, बाय-बैक, चार्जिंग और ओवरऑल ओनरशिप शामिल है। ईवी सेगमेंट में मौजूदा ट्रैक्शन के मुताबिक, हम कम आधार पर ईवी की मात्रा तीन गुना से अधिक देख सकते हैं। वॉल्यूम और ग्रोथ की दिशा बहुत उत्साहजनक है।
एक ब्रांड के रूप में ऑडी 2033 तक फुल इलेक्ट्रिफिकेशन की ओर बढ़ रहा है और भारत की रणनीति को वैश्विक योजनाओं के साथ जोड़ा जा रहा है। ऑडी के लिए, हम उम्मीद कर रहे हैं कि 2025 तक देश में हमारी बिक्री में 15 प्रतिशत ईवी की भागीदारी होगी।
सवाल 3. क्या कंपनी ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश करती है? यदि हां, तो कितनी और इसके लिए कंपनी की क्या योजना है?
जवाब: ऑडी इंडिया ने भारत में अपने डीलरशिप पर ईवी चार्जर लगाए हैं। ये चार्जर अन्य निर्माताओं के वाहनों के लिए भी उपलब्ध हैं। हमने भारत के 51 शहरों में 75 से ज्यादा चार्जर लगाए हैं और देश में चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करना जारी रखा है।
सवाल 4. टेस्ला अपनी इलेक्ट्रिक कारों के साथ भारत आ रही है, ऑडी इसका मुकाबला कैसे करेगी?
जवाब: भारत इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता बाजार है। जैसे-जैसे ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी ईवी स्पेस में एंट्री करेंगे, इससे सेगमेंट को बढ़ने में मदद मिलेगी। ऑडी इंडिया लगातार सफल हो रही है और उसके पास एक मजबूत ग्राहक आधार है जिससे 2021 में 101 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी में मदद मिली है। वर्तमान में हम भारत में इलेक्ट्रिक कारों की सबसे बड़ी रेंज वाले ब्रांड हैं और हमें विश्वास है कि ई-ट्रॉन ब्रांड का अच्छा प्रदर्शन जारी रहेगा।